ट्रेन में सफर के दौरान अगर गुम हो गया मोबाइल तो करिए एक सिंपल काम, फिर उसे ढूंढने में जुट जाएगी RPF

RPF Phone Recovery: रेल यात्रा के दौरान मोबाइल फोन खोना अब यात्रियों के लिए चिंता का कारण नहीं बनेगा, क्योंकि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक नई पहल के तहत मोबाइल रिकवरी की प्रक्रिया को आसान और तेज़ बना दिया है. अब बस एक कॉल या ऑनलाइन शिकायत के जरिए खोए हुए मोबाइल की वापसी की उम्मीदें नई दिशा में बढ़ गई हैं.

उदय गुप्ता

• 01:55 PM • 05 Apr 2025

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RPF Phone Recovery: रेल यात्रा के दौरान मोबाइल फोन चोरी या गुम हो जाना आम समस्या है. कई बार यात्री यह मान लेते हैं कि उनका खोया मोबाइल कभी नहीं मिल पाएगा, लेकिन अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) इस सोच को बदलने जा रही है. रेलवे ने मोबाइल गुम होने की स्थिति में रिकवरी की प्रक्रिया को आसान बना दिया है. अब बस एक कॉल या ऑनलाइन शिकायत के जरिए मोबाइल को खोजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

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RPF और दूरसंचार विभाग की नई पहल

रेलवे सुरक्षा बल ने मोबाइल रिकवरी के लिए दूरसंचार विभाग के ‘सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर’ (CEIR) पोर्टल से साझेदारी की है. इस पोर्टल के जरिए RPF अब खोए हुए मोबाइल फोन को उनके IMEI नंबर के आधार पर ब्लॉक कर सकेगी. इससे फोन का दुरुपयोग रुक जाएगा और उसका दोबारा बेचना या इस्तेमाल करना संभव नहीं होगा.

शिकायत दर्ज करने की आसान प्रक्रिया

अगर आपका मोबाइल ट्रेन यात्रा के दौरान गुम हो जाता है तो आप 139 डायल कर या ‘रेल मदद’ पोर्टल के माध्यम से इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. यदि यात्री एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहता तो वह CEIR पोर्टल पर भी सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. इसके बाद RPF की साइबर सेल इस शिकायत को पोर्टल पर दर्ज कर फोन को ट्रैक और ब्लॉक करने की कार्रवाई करती है.

फोन मिलने पर कैसे मिलेगा वापस

अगर किसी नई सिम के साथ खोया हुआ फोन दोबारा ऑन होता है तो सिस्टम उसे पहचान लेता है. इसके बाद उस व्यक्ति को नजदीकी RPF पोस्ट पर संपर्क करने की सलाह दी जाती है. सही दस्तावेज दिखाने के बाद असली मालिक को उसका फोन वापस सौंप दिया जाता है. अगर फोन लौटाने में सहयोग नहीं किया जाता तो RPF एफआईआर दर्ज कर मामला स्थानीय पुलिस को सौंप सकती है.

ऑपरेशन अमानत से पहले ही हो रही है रिकवरी

RPF ने पहले से ही ‘ऑपरेशन अमानत’ चला रखा है, जिसके जरिए वह यात्रियों की खोई या छूटी संपत्ति को लौटाने का काम करती है. जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच RPF ने करीब 84 करोड़ रुपये की खोई हुई वस्तुएं यात्रियों को लौटाई हैं. अब CEIR पोर्टल से जुड़ने के बाद यह प्रयास और भी मजबूत हो गया है.

पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद देशभर में लागू

पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र के मुताबिक, मई 2024 में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे में इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था, जिसमें कई मोबाइल फोन सफलतापूर्वक रिकवर किए गए. अब इस योजना को पूरे देश में लागू किया जा रहा है, जिससे लाखों रेल यात्रियों को राहत मिलेगी.