यूपी में कैसे अन्नदाता किसानों की कवच बन रही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण स्कीम, यहां जानिए फुल डिटेल

Farmer Accident Welfare Scheme: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के माध्यम से किसानों और खेतिहर श्रमिकों को बड़ा सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 18,145 किसानों के परिवारों को 873.58 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी गई है.

Yogi Adityanath

यूपी तक

29 Jan 2026 (अपडेटेड: 29 Jan 2026, 12:48 PM)

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Farmer Accident Welfare Scheme: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार खेती-किसानी को लाभ का सौदा बनाने के साथ-साथ किसानों के जीवन को सुरक्षित करने की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम उठा रही है. प्रदेश के किसानों और उनके परिवारों के लिए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना एक वरदान साबित हो रही है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना ने न केवल दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवारों को बिखरने से बचाया है, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता दी है.

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वित्तीय वर्ष 2025-26 में 18 हजार से अधिक किसानों को मिली राहत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 18145 किसानों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है. राजस्व विभाग के माध्यम से कुल 873.58 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के परिवारों तक पहुंचाई गई है. यह राशि दुर्घटना का शिकार हुए किसानों के परिवारों के लिए सबसे कठिन समय में एक बड़ा सहारा बनी है. 

2019 से अब तक 1.08 लाख से अधिक लाभार्थी

सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा वर्ष 2019 में शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना ने सफलता के नए आयाम छुए हैं. योजना की शुरुआत से अब तक 108098 किसान या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई है. साल 2023-24 में इस योजना का दायरा बढ़ाकर इसमें भूमिहीन किसानों और खेतिहर श्रमिकों को भी शामिल किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्र का हर वर्ग सुरक्षित हुआ है. वर्ष 2023-24 में 23821 किसानों को 944.72 करोड़ रुपये की मदद दी गई थी.

क्या है योजना और कितनी मिलती है सहायता?

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत खेती के दौरान या अन्य किसी दुर्घटना में किसान की मृत्यु होने या दिव्यांगता की स्थिति में परिवार को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह योजना उन परिवारों के लिए संजीवनी का काम करती है जिन्होंने अपना कमाऊ सदस्य खो दिया है.

फरवरी 2026 तक पूरी तरह डिजिटल होगी योजना

किसानों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना के पूरी तरह डिजिटलीकरण के निर्देश दिए हैं. एनआईसी (NIC) की मदद से एक आधुनिक सॉफ्टवेयर और वेब पोर्टल विकसित किया जा रहा है. यह डिजिटल सिस्टम फरवरी 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा. ऑनलाइन होने से किसानों को तहसील या जिला मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे. आवेदन से लेकर पैसा बैंक खाते में आने तक की प्रक्रिया पारदर्शी होगी, जिससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो जाएगी. अधिकारियों द्वारा प्रभावी निगरानी के लिए पोर्टल को डैशबोर्ड से जोड़ा जाएगा. 

योगी सरकार की 'किसान हितैषी' सोच का प्रमाण

यह योजना दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश सरकार केवल फसल खरीद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह किसानों के सामाजिक और व्यक्तिगत हितों की भी रक्षा कर रही है. घर बैठे लाभ मिलने और सीधा बैंक खातों में पैसा पहुंचने से किसानों का भरोसा सरकार और सिस्टम पर और अधिक मजबूत हुआ है.

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