यूपी के इस जिले में जॉब करने वाली महिलाओं के लिए सरकार बनाएगी हॉस्टल, सीएम योगी ने किया ऐलान

आयशा शेख़

• 03:26 PM • 23 Jul 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए आधुनिक हॉस्टल बनाने की घोषणा की है.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर में कामकाजी महिलाओं के लिए एक सुविधायुक्त हॉस्टल के निर्माण का ऐलान किया है. हॉस्टल लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर बनाया जाएगा, जिससे महिलाओं को सुरक्षित और सुलभ आवास मिल सकेगा.

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गोरखपुर के देवरिया बाईपास रोड पर 23 जुलाई 2026 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस योजना की घोषणा की गई. इस हॉस्टल के बनने से दूर-दराज से आकर गोरखपुर में काम करने वाली श्रमजीवी महिलाओं की एक बहुत बड़ी और पुरानी समस्या खत्म होने वाली है.

500 कामकाजी महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित ठिकाना

जब भी कोई महिला अपने घर-गांव से दूर किसी नए शहर में नौकरी करने जाती है तो उसकी सबसे पहली और बड़ी चिंता होती है- सुरक्षित और बजट में रहने की जगह. योगी सरकार का नया कदम इसी चिंता को दूर करने की दिशा में एक बड़ी राहत माना जा रहा है.

इस हॉस्टल के बनने से लगभग 500 कामकाजी महिलाओं को एक ही छत के नीचे बेहतरीन और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिलेगी. सरकार का मानना है कि महिलाओं को जब सुरक्षित माहौल मिलेगा तो वे बिना किसी डर के अपने करियर और काम पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी.

सीएम योगी ने खुद क्या कहा?

गोरखपुर में आयोजित विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 

"गोरखपुर में हम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी के नाम पर एक श्रमजीवी महिला हॉस्टल का निर्माण कार्य प्रारंभ करने जा रहे हैं. यहां 500 कामकाजी महिलाओं के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी."

₹995 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का तोहफा

महिला हॉस्टल गोरखपुर को मिले एक बहुत बड़े विकास पैकेज का हिस्सा है. 23 जुलाई को देवरिया बाईपास रोड पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने 995 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 14 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया.

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर, जो 18वीं शताब्दी की एक महान रानी और कुशल प्रशासक थीं, उन्हें आज भी उनके जनकल्याणकारी कार्यों, सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए याद किया जाता है. उनके नाम पर इस हॉस्टल का नाम रखकर सरकार ने महिला सशक्तिकरण और लोक-कल्याण का एक संदेश देने की कोशिश की है.