VB-G RAM G के नियमों में हुआ बदलाव, गांव में पहले सड़क बनेगी या तालाब... अब ऐसे होगा फैसला

आयशा शेख़

• 01:32 PM • 23 Jul 2026

उत्तर प्रदेश सरकार VB-G RAM G के तहत विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) लागू कर रही है, जिसमें गांवों के विकास कार्य अब वैज्ञानिक मैपिंग, ISRO के भू-स्थानिक डेटा, युक्तधारा पोर्टल और ग्राम सभा की राय के आधार पर तय किए जाएंगे.

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गांव में पहले पक्की सड़क बनेगी, नया तालाब खुदेगा या फिर पंचायत भवन की मरम्मत होगी? अब इसका फैसला किसी एक अफसर या नेता के बंद कमरे से नहीं होगा. वीबी जी राम जी (VB-G RAM G) योजना के तहत अब उत्तर प्रदेश के गांवों का विकास पूरी तरह से वैज्ञानिक मैपिंग, जमीनी जरूरतों और ग्रामीणों की सीधी राय के आधार पर तय किया जाएगा.

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ग्राम्य विकास विभाग (उत्तर प्रदेश) इस बदलाव को धरातल पर उतारने के लिए हर ग्राम पंचायत में विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) लागू कर रहा है. समझाते हैं कि इससे आम लोगों को रोजगार के कौन-कौन से नए मौके मिलने वाले हैं?

कैसे तय होंगे आपके गांव के विकास कार्य?

गांव के विकास की रूपरेखा को अब तीन आसान और पारदर्शी चरणों में बांटा गया है:

  • सबसे पहले यह देखा जाएगा कि गांव में किस सुविधा का अभाव है- जैसे कि नाली, बिजली, पीने का पानी या स्कूल भवन.
  • इसके तहत ISRO के भू-स्थानिक आंकड़ों और 'युक्तधारा पोर्टल' की मदद ली जाएगी. गांव के डिजिटल नक्शे पर पहले से बने निर्माण कार्यों की टैगिंग दिखेगी, जिससे फर्जीवाड़े या एक ही जगह दोबारा काम कराने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी.
  • कागज़ी आंकड़ों के बाद वार्ड सभा, ग्राम सभा, टोला और चौपालों में ग्रामीणों संग सीधी चर्चा होगी. स्थानीय लोग खुद तय करेंगे कि सबसे पहले किस काम की सख्त जरूरत है.

जब तक गांव का आखिरी व्यक्ति अपनी ज़रूरत नहीं बताएगा, तब तक विकास की असली प्राथमिकता तय नहीं हो सकती. वीजीपीपी इसी सोच को सच करने का ज़रिया है.

 

- ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश

लोगों को रोजगार कैसे मिलेगा और क्या करना होगा?

वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) के तहत ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाती है. इसमें रोजगार पाने की पूरी प्रक्रिया को ऐसे समझा जा सकता है:

1. रोजगार गारंटी कार्ड बनवाएं

  1. अपने गांव के ग्राम पंचायत कार्यालय या ग्राम रोजगार सहायक (GRS) के पास जाएं.
  2. आप लिखित रूप में (फॉर्म भरकर) या मौखिक रूप से भी नाम दर्ज करा सकते हैं. यदि आपके पास पहले से मनरेगा (MGNREGA) जॉब कार्ड बना है और e-KYC पूरा है, तो वह भी इस योजना के तहत मान्य रहेगा.
  3. आधार कार्ड, राशन कार्ड/BPL कार्ड, बैंक/डाकघर पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो.
  4. आप UMANG App या vbgramg.dord.gov.in पोर्टल के जरिए ऑनलाइन भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

2. काम की मांग करें 

  1. कार्ड बन जाने के बाद, जब भी आपको काम की जरूरत हो, अपनी ग्राम पंचायत में काम की मांग का आवेदन जमा करें.
  2. नियम के अनुसार, आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर आपको काम आवंटित किया जाएगा.
  3. यदि 15 दिनों में काम नहीं मिलता है, तो नियमानुसार राज्य सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है.

आपको आपके गांव से 5 किलोमीटर के दायरे में ही काम दिया जाएगा. यदि काम इससे दूर होता है, तो 10% अतिरिक्त यात्रा भत्ता दिया जाता है. पुरुष और महिला दोनों को समान काम के लिए समान मजदूरी मिलती है.