Shamli News: उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार को एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को यूपी के गैर-कानूनी धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई यूपी के एक कारोबारी देवराज मलिक की शिकायत पर की गई. देवराज मलिक का आरोप है कि एक साजिश के तहत उनके बेटे आयुष मलिक का जबरन धर्म बदलवाया गया, उसे एक नई पहचान दी गई और परिवार की संपत्ति पर कब्जा करने व वित्तीय लाभ के लिए उसे अपने परिवार से दूर कर दिया गया.
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क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी तब हुई जब देवराज मलिक ने शामली में पुलिस से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि उनका बेटा आयुष, जो बी-फार्मा ग्रेजुएट है और परिवार के मेडिकल स्टोर को संभालने में मदद करता था. उसे चांदनी कुरैशी ने अपने प्रभाव में लेकर रिश्ता बनाया. बाद में कथित तौर पर उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसकी पहचान बदल दी गई.
2018 में हुई थी पहली मुलाकात
दर्ज एफआईआर (FIR) के मुताबिक, साल 2018 में पैर की चोट के इलाज के दौरान आयुष मलिक की मुलाकात एक स्थानीय अस्पताल में चांदनी कुरैशी से हुई थी. इसके बाद समय के साथ दोनों के बीच संबंध गहरे हो गए. आरोप है कि चांदनी और उसके परिवार के सदस्यों ने धीरे-धीरे आयुष पर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डाला और उसे प्रभावित किया.
दिल्ली में कराया 'निकाह' और बदल दिया नाम
कारोबारी पिता की शिकायत के अनुसार, उनके बेटे को साल 2023 में दिल्ली ले जाया गया था. यहां कथित तौर पर उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसका नया नाम 'मोहम्मद अली' रख दिया गया. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि दिल्ली में उसका निकाह (शादी) भी कराया गया था. हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान अभी तक शादी का कोई सर्टिफिकेट बरामद नहीं हुआ है.
करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आयुष मलिक ने अब पूरी तरह से इस्लामिक तौर-तरीके अपना लिए हैं, जिसमें दाढ़ी बढ़ाना, पांच वक्त की नमाज पढ़ना और अपना पहनावा बदलना शामिल है. पिता देवराज मलिक ने आरोप लगाया है कि यह पूरा धर्म परिवर्तन उनके परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है. बेटे के धर्म परिवर्तन की भनक लगते ही उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
एफआईआर में मौलवियों के नाम भी शामिल, SIT का गठन
पुलिस ने बताया कि इस मामले में 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) और 'उत्तर प्रदेश गैर-कानूनी धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम' की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों (चांदनी और उसके पिता) के अलावा, परिवार के कई अन्य सदस्यों और दो अज्ञात मौलवियों को भी इस एफआईआर में नामजद किया गया है. पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं.
एसपी ने दिया ये बयान
इस मामले पर शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया, "हमने मामले की जांच के लिए एक एसआईटी (SIT) का गठन किया है और एलआईयू (LIU) की टीमें भी इस मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं. हम यह पता लगाने के लिए पूरी गहराई से जांच करेंगे कि इस मामले के तार कहां-कहां जुड़े हैं और इसके पीछे के गहरे पहलू क्या हैं. जांच के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी."
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