सीएम योगी ने यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का किया उद्घाटन, प्रदेश के हेल्थ सेक्टर का ये खाका खींचा

UP HealthTech Conclave: UP HealthTech Conclave 1.0 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य क्षेत्र में यूपी की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि राज्य अब इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि मेडिकल टेक्नोलॉजी, फार्मा मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च का अंतरराष्ट्रीय हब बनने की ओर बढ़ रहा है.

यूपी तक

• 03:34 PM • 18 Jan 2026

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UP HealthTech Conclave: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को स्वास्थ्य और तकनीक के महासंगम 'यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0' का शानदार शुभारंभ हुआ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन करते हुए उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा 'हेल्थकेयर कंज्यूमर मार्केट' करार दिया. सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि यूपी अब केवल बीमारियां ठीक करने वाला राज्य नहीं, बल्कि मेडिकल टेक्नोलॉजी और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है.

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25 करोड़ नहीं, 35 करोड़ की जिम्मेदारी

सीएम योगी ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा करते हुए कहा कि यूपी की आबादी भले ही 25 करोड़ है, लेकिन हमारा स्वास्थ्य ढांचा पड़ोसी राज्यों (बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड) और पड़ोसी देश नेपाल सहित लगभग 35 करोड़ लोगों की चिकित्सा आवश्यकताओं का भार उठा रहा है. हम इस जिम्मेदारी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहे हैं.

2017 बनाम 2026: स्वास्थ्य क्षेत्र का कायाकल्प

सीएम योगी ने पिछले पौने नौ वर्षों (2017 से अब तक) के बदलावों को आंकड़ों के जरिए पेश किया: 

मेडिकल कॉलेज: 2017 से पहले यूपी में कुल 40 (सरकारी व निजी) मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 81 हो चुके हैं. 
एम्स और अस्पताल: प्रदेश में 2 एम्स पूरी तरह क्रियाशील हैं और 100 से अधिक जिला अस्पताल सरकारी तौर पर संचालित हो रहे हैं. 
ग्रामीण नेटवर्क: सीएचसी (CHC), पीएचसी (PHC) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स की एक मजबूत चेन दूर-दराज के इलाकों तक मुफ्त इलाज पहुंचा रही है.

आयुष्मान योजना: 5.5 करोड़ गोल्डन कार्ड का रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की सफलता का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक 5.5 करोड़ परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं. इसके तहत हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है. उन्होंने कहा कि जो लोग इस योजना के दायरे में नहीं आ सके, उन्हें 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' या मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सीधे मदद दी जा रही है.

इंसेफेलाइटिस पर जीत और 'ज़ीरो डेथ' का मॉडल

सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहर बरपाने वाली बीमारी इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 40 साल में 50 हजार मासूम बच्चों की मौत हुई थी. लेकिन 2017 के बाद हमने इस पर निर्णायक प्रहार किया. आज नतीजा यह है कि यूपी में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों का आंकड़ा शून्य पर पहुंच गया है. इसके साथ ही प्रदेश में संस्थागत प्रसव का ग्राफ अब राष्ट्रीय औसत के बराबर आ चुका है.

मेडिकल डिवाइस पार्क और 'मेक फॉर द वर्ल्ड'

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का खाका खींचते हुए बताया कि यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है. ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क का काम युद्धस्तर पर जारी है. सीएम योगी ने ने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ 'आत्मनिर्भर भारत' नहीं, बल्कि 'मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' है, ताकि चिकित्सा उपकरणों के लिए दुनिया की निर्भरता यूपी पर बढ़े.

टेक्नोलॉजी और रिसर्च का नया दौर: UP-IMRAS लॉन्च

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने तकनीक की दिशा में दो बड़े कदम उठाए. एक तो UP-IMRAS सॉफ्टवेयर यानी 'एकीकृत चिकित्सा अनुसंधान अनुप्रयोग प्रणाली' का लोकार्पण किया गया. यह डिजिटल प्लेटफॉर्म क्लिनिकल ट्रायल और मेडिकल रिसर्च को पारदर्शी और पेपरलेस बनाएगा. इसके अलावा क्लिनिकल ट्रायल के लिए 22 प्रकार के मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) वाली पुस्तक जारी की गई, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शोध को बढ़ावा देगी.

निवेशकों को न्योता: यूपी आइए, हम देंगे हर सहयोग

सीएम योगी ने अंत में देश-विदेश के उद्यमियों और स्टार्टअप्स को उत्तर प्रदेश में निवेश का खुला निमंत्रण दिया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से समयबद्ध स्वीकृतियां और सुरक्षित निवेश वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा. इस कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर सिंह और केंद्र व राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए. यह आयोजन यूपी को 'ईज़ ऑफ लिविंग' के साथ-साथ 'ईज़ ऑफ हीलिंग' का भी केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

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