सखियों का क्षेत्र, सीक्रेट गेट… अविमुक्तेश्वरानंद के वाराणसी मठ में रहीं लेखिका भूमिका द्विवेदी ने बताया वहां क्या होता था?

UP News: भूमिका द्विवेदी का दावा है कि वह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वाराणसी स्थित आश्रम यानी विद्यापीठ में 2 महीने तक ठहरी थीं. ये साल 2022 की बात है.

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आशीष श्रीवास्तव

25 Feb 2026 (अपडेटेड: 25 Feb 2026, 05:06 PM)

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UP News: यौन शोषण के आरोप में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है. आशुतोष महाराज नाम के शख्स ने ये केस दर्ज करवाया है. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पॉस्कों एक्ट भी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य पर लगाया गया है. इसी बीच अब शंकराचार्य के वाराणसी विद्यापीठ में 2 महीने तक रहीं लेखिका भूमिका द्विवेदी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर कई बड़े दावे किए हैं.

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लेखिका भूमिका द्विवेदी का दावा है कि वह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वाराणसी स्थित आश्रम यानी विद्यापीठ में 2 महीने तक ठहरी थीं. वह अब दिल्ली में रह रही हैं. उनका कहना है कि वह साल 2022 में वाराणसी पर किताब लिखने के लिए वहां गई थीं.

भूमिका द्विवेदी का कहना है कि इस दौरान उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद के वाराणसी स्थित आश्रम यानी विद्यापीठ में कई ऐसी गतिविधियां देखीं, जिन्होंने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया. भूमिका द्विवेदी का दावा है कि जब मठ के मैनेजर ने उनका नाम रजिस्टर में दर्ज किया तो उनका पूछताछ का तरीका संदिग्ध लगा. इस दौरान मठ में एक महिला भी थी, जिसे मालकिन की तरह से रखा गया था. भूमिका का दावा है कि उस महिला के आदेश के बिना कोई फैसला नहीं हो सकता था.

सखियों के क्षेत्र में नहीं जा सकते थे…

भूमिका द्विवेदी का कहना है कि वह वहां 18 मार्च 2022 से मई 2022 तक रहीं. इस दौरान वहां सखियों का एक क्षेत्र था, जिसमें जाने की मनाही थी. वहां के कई हिस्से आम लोगों से गोपनीय रखे जाते थे.

भूमिका द्विवेदी का दावा है कि वहां बटुकों यानी विद्यार्थियों को भी सीमित संपर्क में रखा जाता था. उनसे बात करने और फोटो क्लिक करवाने पर भी रोक थी. उन्हें उनके माता-पिता से भी ज्यादा मिलने नहीं दिया जाता था.

मठ में सीक्रेट दरवाजा

भूमिका द्विवेदी का दावा है कि मठ में एक सीक्रेट दरवाजा है. वहां की कई गतिविधियां गोपनीय हैं. भूमिका द्विवेदी का कहना है कि मठ परिसर में संगमरमर के कमरे, कालीन, सीसीटीवी, एलईडी, लिफ्ट और पांचवीं मंजिल पर स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं हैं.

शंकराचार्य बनने के बाद खरीदी 22 संपत्तियां

भूमिका द्विवेदी का कहना है कि शंकराचार्य बनने के बाद शंकराचार्य ने 22 संपत्तियां खरीदी हैं. उन्होंने कथित तौर से कई स्थानों पर अपने बहनों, भांजे और बहनोई के नाम पर बंगले दिए हैं. 

भूमिका द्विवेदी का आरोप है कि वहां बटुकों के साथ दुर्व्यवहार और शोषण होता था. उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है.