समाजवदी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव पर की गई अभद्र टिप्पणी मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आ चुका है. अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पोस्ट करने वाले आरोपी नागेश्वर सिंह बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की लंबी डिजिटल ट्रैकिंग के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने मध्य प्रदेश के रीवा से एक मुख्य आरोपी को दबोचा है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने हाथ जोड़कर अखिलेश यादव के परिवार से रोते हुए माफी मांगी है.
ADVERTISEMENT
'अखिलेश जी की बेटी मेरी बेटी जैसी...'
यूपी पुलिस द्वारा मध्य प्रदेश के रीवा जिले से गिरफ्तार किए गए आरोपी नागेश्वर सिंह बघेल ने अपनी करतूत पर माफी मांगी. पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद उसने बकायदा एक माफीनामा लिखा और कैमरे के सामने हाथ जोड़कर कहा 'मैंने फेसबुक पर अदिति यादव के बारे में जो भी जानकारी लिखी थी, वह पूरी तरह भ्रामक थी. मुझे अपनी गलती का अहसास है और मैं इसके लिए बहुत दुखी हूं. मेरे फेसबुक पर कई यादव मित्र और फॉलोअर्स हैं मैं उन सभी से और अखिलेश जी के परिवार से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं. अखिलेश जी की बेटी मेरी बेटी जैसी है और उनकी इज्जत मेरी इज्जत जैसी है. मुझे क्षमा कर दिया जाए.' हालांकि कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी नागेश्वर को कोर्ट में पेश किया गया जहां से फिलहाल उसे जमानत मिल गई है.
कैसे शुरू हुआ विवाद और किसने कराई FIR?
यह पूरा मामला 11 जून का है. सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव की तस्वीर के साथ कुछ लोगों ने बेहद अभद्र, और अनुचित टिप्पणियां पोस्ट की थीं. इस पर ऐतराज जताते हुए सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने लखनऊ के साइबर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया था. पुलिस ने इस मामले में भरत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार नाम के तीन युवकों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी.
जांच में चौंकाने वाले खुलासे
क्राइम ब्रांच और साइबर पुलिस की टीम ने जब इन सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन पड़ताल, डिजिटल ट्रैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं. मामले में नामजद एक मुख्य आरोपी भरत कुमार पटेल का सोशल मीडिया अकाउंट भारत से नहीं बल्कि विदेश से संचालित हो रहा है. तकनीकी जांच में उसकी लोकेशन संयुक्त राज्य अमेरिका के पेंसिलवेनिया राज्य में पाई गई है. पुलिस अब इंटरनेशनल इनवेस्टिगेशन के जरिए उस तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
वहीं तीसरे आरोपी विनोद कुमार के बारे में पता चला है कि वह उत्तर प्रदेश के ही जौनपुर जिले का रहने वाला है और वहां ऑटो चलाकर अपनी रोजी-रोटी कमाता है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है.
ADVERTISEMENT










