गगूल मैप के ब्लंडर से छूटा पेपर... यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा देने मुजफ्फरनगर जा रहे इतने सारे अभ्यर्थी पहुंच गए शामली

Google Maps wrong location: यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के तीसरे दिन मुजफ्फरनगर में बड़ा तकनीकी विवाद सामने आया. गूगल मैप की गलत लोकेशन के कारण गाजियाबाद और हापुड़ के कई अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र की बजाय शामली पहुंच गए, जिससे उनका पेपर छूट गया.

Muzaffarnagar News

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संदीप सैनी

• 04:58 PM • 10 Jun 2026

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Google Maps wrong location: 8 जून से शुरू हुए यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का आज तीसरा दिन है. इस बीच खबर समने आ रही है कि 10 जून को गाजियाबाद और हापुड़ से मुजफ्फरनगर पेपर देने आ रहे दर्जनों अभ्यर्थियों का पेपर गूगल मैप की वजह से छूट गया. आरोप है कि जब अभ्यर्थियों ने मुजफ्फरनगर के परीक्षा केंद्र की लोकेशन गूगल मैप पर डाली तो ऐप ने उन्हें 59 किलोमीटर दूर शामली जनपद के एक गांव में पहुंचा दिया. जब तक अभ्यर्थियों को सच का पता चला तब तक देर हो चुकी थी और उनकी पहली शिफ्ट की परीक्षा छूट गई. इस बड़ी गड़बड़ी के बाद भड़के और मायूस अभ्यर्थी इंसाफ की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं.

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मुजफ्फरनगर का सेंटर और शामली का रास्ता

पूरी घटना मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में स्थित परीक्षा केंद्र दीपचंद जैन इंटर कॉलेज से जुड़ी है. गाजियाबाद के अरुण मलिक, विशाल, धर्मेंद्र चौधरी, मुकुल और हापुड़ के आधा दर्जन से अधिक अभ्यर्थी सुबह की पहली शिफ्ट में इसी कॉलेज में परीक्षा देने आ रहे थे. मुजफ्फरनगर पहुंचने के बाद जब उन्होंने सटीक नाम और कॉलेज का कोड डालकर गूगल मैप पर सर्च किया तो मैप ने उन्हें मुजफ्फरनगर के बजाय शामली जिले के चंदेडी गांव का रास्ता दिखा दिया.

गूगल मैप की लोकेशन पर भरोसा करते हुए अभ्यर्थी बाइक और अन्य साधनों से शामली पहुंच गए. वहां पहुंचने पर जब उन्हें पता चला कि यहाँ कोई परीक्षा केंद्र नहीं है तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. गाजियाबाद से आए पीड़ित अभ्यर्थी अरुण मलिक ने कलेक्ट्रेट परिसर में अपना एडमिट कार्ड दिखाते हुए बताया कि 'हमने मैप पर पूरा प्रॉपर नाम दीपचंद जैन ग्रैंन चैंबर नई मंडी मुजफ्फरनगर और स्कूल का कोड डाला था. फिर भी लोकेशन हमें 59 किलोमीटर दूर शामली के चंदेडी गांव ले गई. जब हम उस गांव में पहुंचे तो वहां के स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले तीन दिन से परीक्षा चल रही है और रोज यहाँ हजारों बच्चे और लड़कियां आकर भटक रहे हैं और परेशान हो रहे हैं. हम तो बाइक पर थे इसलिए वापस कलेक्ट्रेट आ गए पर कई बच्चों का पेपर पूरी तरह छूट गया. हमारी मांग है कि जिनकी परीक्षा छूटी है उनके लिए दोबारा एग्जाम कराया जाए.'

अरुण ने आगे बताया कि जब वे डीएम साहब से मिले तो उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपना दिमाग भी अप्लाई करना चाहिए. क्योंकि गूगल मैप भी किसी इंसान ने ही बनाया है. हालांकि, डीएम साहब ने भर्ती बोर्ड को पत्र लिखने के लिए एक प्रार्थना पत्र मांगा है.

मामले पर क्या बोले मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी अमृत जैन?

इस पूरे तकनीकी विवाद और अभ्यर्थियों के हंगामे को लेकर मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी अमृत जैन ने स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि 'गाजियाबाद और हापुड़ के चार अभ्यर्थी एक शिकायती पत्र लेकर आए थे. उनका कहना है कि गूगल मैप पर डायरेक्टली केंद्र (दीपचंद जैन इंटर कॉलेज) का नाम डालने पर उन्हें शामली की लोकेशन मिली जिससे उनका एग्जाम छूट गया. हम इस टेक्निकल इश्यू की जांच करवा रहे हैं.'

एसपी सिटी ने आगे कहा कि 'इसी केंद्र पर पिछली पांच पालियों में लगभग 480 में से 380 से 390 बच्चों ने एग्जाम दिया है. आज भी इस पाली में 373 लोग एग्जाम देकर सकुशल बाहर निकले हैं. इसलिए व्यवस्था के स्तर पर कोई इश्यू नहीं है. हम लोग इस संबंध में गूगल को एक आधिकारिक लेटर लिखेंगे कि आखिर क्यों मुजफ्फरनगर के इस सेंटर का नाम डालने पर वहां की लोकेशन दिखाई जा रही है. इसके अलावा अभ्यर्थियों के फीडबैक के आधार पर भर्ती बोर्ड को भी यह सुझाव भेजेंगे कि अगली बार से एडमिट कार्ड या एप्लीकेशन फॉर्म पर ही QR कोड या ओरिजिनल गूगल मैप का लिंक पेस्ट कर दिया जाए ताकि अभ्यर्थी सीधे और सही सेंटर पर पहुंच सकें.'