वाराणसी की इस पटेल बाहुल्य सीट पर क्या समाजवादी पार्टी कर पाएगी वापसी?
सेवापुरी विधानसभा सीट पर 2027 से पहले सियासी हलचल तेज है. बीजेपी विधायक नील रतन पटेल और सपा के पूर्व विधायक सुरेंद्र पटेल के बीच मुकाबले के साथ जातीय समीकरण, विकास और गठबंधन की राजनीति अहम मुद्दे बन रहे हैं.
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CM Yogi And Akhilesh Yadav (File Photo)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की सेवापुरी विधानसभा सीट हमेशा से काशी की सियासत में अपनी खास पहचान रखती है. सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत पीएम द्वारा गोद लिए गए गांव (जयापुर, नागेपुर और बरियापुर) इसी क्षेत्र में आते हैं. लगभग छह दशक का लंबा इतिहास रखने वाली यह सीट कभी समाजवादियों, कांग्रेस और वामपंथियों का अभेद्य किला हुआ करती थी. लेकिन पिछले दो चुनावों (2017 और 2022) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और 'अपना दल (सोनेलाल)' के गठबंधन ने यहां अपनी मजबूत पकड़ बना ली है.

