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चूड़ी पहन लो, घर बैठो... रायबरेली में सपा नेताओं से भिड़ने वाले पुलिस अधिकारी को अखिलेश यादव ने तगड़ा सुना दिया

रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में सपा छात्र सभा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के विवाद के बाद पुलिस से झड़प और कोतवाल की कथित टिप्पणी पर सियासी घमासान तेज हो गया. अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार और पुलिस पर पीडीए उत्पीड़न का आरोप लगाया.

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Raebareli News
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रायबरेली स्थित फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा के सदस्यता अभियान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उत्तर प्रदेश का बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है. समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच शुरू हुई भिड़ंत के बाद मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब शहर कोतवाल का सपा जिलाध्यक्ष से बहस का वीडियो वायरल हो गया.

वीडियो में कोतवाल द्वारा "चूड़ी पहनो" और "औकात में रहकर बात करो" जैसी टिप्पणियां करने का आरोप लगा है. इसके बाद सपा विधायकों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस दफ्तर पर प्रदर्शन किया जहां पुलिस के साथ तीखी धक्का-मुक्की हुई. इस घटना को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव लाल-पीले हो गए हैं और उन्होंने सीधे भाजपा सरकार व पुलिस पर पीडीए समाज के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बड़ा सियासी हमला बोला है.

फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज से शुरू हुई भिड़ंत

विवाद की शुरुआत रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज कैंपस से हुई. समाजवादी छात्र सभा की ओर से कॉलेज परिसर में पीडीए जागरूकता और सदस्यता अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और अभियान का विरोध करने लगे. देखते ही देखते दोनों छात्र गुटों में तीखी कहासुनी, नारेबाजी और धक्का-मुक्की होने लगी. विवाद बढ़ने पर एबीवीपी और समाजवादी छात्र सभा-दोनों गुटों के कार्यकर्ता कॉलेज गेट पर ही धरने पर बैठ गए.

'चूड़ी पहनो, लिमिट में रहो'

सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस स्थिति संभालने में जुटी थी. लेकिन तभी एक नया मोर्चा खुल गया. सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह के बीच तीखी बहस हो गई. बहस का एक वीडियो सामने आया जिसमें आरोप है कि कोतवाल ने तल्ख लहजे में कहा 'यार चूड़ी पहनो, जाके घर में चूड़ी पहनो... औकात और लिमिट में रहकर बात करो.' पुलिस अधिकारी के इस रवैये और भाषा के बाद सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया.

एसपी ऑफिस पर सपा विधायकों की पुलिस से धक्का-मुक्की

कोतवाल की टिप्पणी के विरोध में मामला कॉलेज से निकलकर एसपी दफ्तर पहुंच गया. सपा जिलाध्यक्ष के साथ हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी और बछरावां विधायक श्याम सुंदर भारती भारी समर्थकों के साथ एसपी दफ्तर का घेराव करने पहुंचे. दूसरी ओर एबीवीपी कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए. दोनों पक्षों के आमने-सामने आने पर तनाव चरम पर पहुंच गया.

पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने लगी तो भारी धक्का-मुक्की हुई. सपा विधायक राहुल लोधी ने पुलिस पर अपने साथ मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगाया और कोतवाल को तत्काल हटाने की मांग की.

अखिलेश यादव का तीखा हमला

इस घटना के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बैक-टू-बैक दो सोशल मीडिया पोस्ट कर भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया. अखिलेश यादव ने कहा कि रायबरेली में पीडीए समाज और छात्र सभा के युवाओं पर किया गया यह प्रहार बेहद अपमानजनक और निंदनीय है. उन्होंने लिखा कि भाजपा सरकार की पुलिस की हिंसक प्रवृत्ति अब सबके सामने आ चुकी है. लेकिन इस दमन के बावजूद छात्रों के बीच जागरूकता फैलाने में सपा कार्यकर्ता सफल रहे.

अखिलेश ने चेतावनी भरे अंदाज में लिखा कि भाजपा अगर सोच रही है कि वह छात्र सभा के अभियान को रोक लेगी तो यह उसकी भूल है. जनाक्रोश जितना दबाया जाएगा, वह उतना ही बलवती होकर बदलेगा.

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