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क्या राज्यसभा चुनाव में तय हो जाएगा अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल का गठबंधन?

यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में जानें राज्यसभा चुनाव में अखिलेश यादव की तीसरी सीट की रणनीति, पल्लवी पटेल संग बदलती सियासी समीकरण और बसपा में मायावती द्वारा ईशान आनंद को दी गई नई जिम्मेदारी का पूरा विश्लेषण.

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Akhilesh and Pallavi
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यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण किया गया है. आज की पहली बड़ी खबर उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के गणित और समाजवादी पार्टी द्वारा तीसरी सीट पर दांव लगाने की संभावित रणनीति से जुड़ी है. दूसरी बड़ी खबर पिछले राज्यसभा चुनाव में तल्खी आने के बाद अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल के बीच फिर से बनते सियासी समीकरणों और 2027 चुनाव के संभावित गठबंधन पर केंद्रित है. वहीं तीसरी बड़ी खबर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती द्वारा आकाश आनंद को संगठन से अलग कर अपने दूसरे भतीजे ईशान आनंद को आगे लाने और आगामी चुनावों में अकेले उतरने के फैसले से संबंधित है.

राज्यसभा चुनाव का गणित: क्या तीसरी सीट पर दांव लगाएंगे अखिलेश यादव?

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में सीटों का गणित फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में दिखाई दे रहा है. कुल 10 सीटों में से 8 सीटें बीजेपी और 2 सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में आसानी से जाती दिख रही हैं. हालांकि अपने दो प्रत्याशियों को जिताने के बाद भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव के पास करीब 21 सरप्लस विधायकों का वोट बचता है. जबकि जीत के लिए 17 वोटों की जरूरत होती है.

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अखिलेश यादव 2 साल पुराने उस घटनाक्रम का बदला लेने के लिए तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतार सकते हैं. जब बीजेपी ने संजय सेठ को खड़ा करके सपा के तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन की सीट झटक ली थी. अगर सपा तीसरी सीट का दावा करती है तो उसे अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में सुभासपा, आरएलडी के कुछ असंतुष्ट विधायकों और बीजेपी के फेंस-सिटिंग विधायकों को साधने की रणनीति पर काम किया जा सकता है.

अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल: क्या राज्यसभा चुनाव से दोबारा जुड़ेंगे सियासी रिश्ते?

2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग और फोन कॉल से जुड़ी चर्चाओं के बाद अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल के रिश्तों में भारी तल्खी आ गई थी. तकनीकी रूप से पल्लवी पटेल सपा के सिंबल पर जीती विधायक हैं. लेकिन पिछले दो सालों में दोनों के बीच दूरियां बनी रहीं.

हाल ही में डेढ़ महीने पहले अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल के बीच हुई मुलाकात के बाद नए सियासी समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं. बीजेपी के साथ अनुप्रिया पटेल की मजबूत मौजूदगी और किसी तीसरे मोर्चे के न बन पाने की स्थिति में पल्लवी पटेल के लिए सपा का साथ फिर से मुफीद साबित हो सकता है. यदि अखिलेश यादव तीसरी राज्यसभा सीट के लिए प्रत्याशी उतारते हैं तो उन्हें पल्लवी पटेल के वोट की आवश्यकता होगी. राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त होता है और न दुश्मन, ऐसे में यह राज्यसभा चुनाव 2027 के लिए दोनों पार्टियों के फिर से साथ आने का आधार बन सकता है.

बसपा में बड़ा फेरबदल: आकाश आनंद सीन से बाहर, ईशान आनंद को मिली कमान

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने पार्टी के आंतरिक नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है. लंबे समय से सुर्खियों में रहे आकाश आनंद को अब सांगठनिक गतिविधियों से अलग-थलग कर दिया गया है. पार्टी की हालिया बैठक में मायावती ने अपने दूसरे भतीजे ईशान आनंद को कार्यकर्ताओं के सामने पेश किया और उन्हें संगठन में नई जिम्मेदारी सौंपी.

बैठक के दौरान ईशान आनंद ने मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद लिया जिसका वीडियो भी सामने आया है. मायावती ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि बसपा का मूवमेंट हमेशा परिवारवाद से दूर रहा है. लेकिन ईशान आनंद को आगे बढ़ाकर उन्होंने नई लीडरशिप का संकेत दिया है. इसके साथ ही मायावती ने यह भी साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के आगामी चुनावों में बसपा बिना किसी से गठबंधन किए अकेले अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरेगी.

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