सपा के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी 2027 के चुनाव में क्या करेंगे वापसी? समझिए कालपी सीट का समीकरण
UP Kiska: कालपी विधानसभा सीट पर 2027 चुनाव से पहले सियासी समीकरण बदल गए हैं. सपा से भाजपा खेमे में पहुंचे विधायक विनोद चतुर्वेदी के विकास दावों, पीडीए रणनीति, जातीय समीकरण और संभावित उम्मीदवारों के बीच मुकाबले पर स्थानीय पत्रकारों का विश्लेषण.
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Vinod Chaturvedi
Kalpi Assembly Election 2027: 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति में आई बगावत की आंधी आपको याद ही होगी. समाजवादी पार्टी के जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर हलचल मचाई थी उनमें से एक प्रमुख नाम है जालौन की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी का. 2022 में सपा के टिकट पर साइकिल दौड़ाने वाले विनोद चतुर्वेदी अब भाजपा के पाले में खड़े नजर आ रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या 2027 के विधानसभा चुनाव में वह अपनी सीट बचा पाएंगे? क्या कालपी की जनता उनके '72 साल बनाम 2 साल' के विकास दावों पर मुहर लगाएगी या सपा का ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्ड बाजी मार ले जाएगा? आइए समझते हैं कालपी का पूरा सियासी समीकरण और पत्रकारों की राय.
