Opinion: लोहिया का समाजवाद या सैफई परिवार का साम्राज्य, सपा अपनी विचारधारा से कितनी दूर चली गई?
Opinion: डॉ. राम मनोहर लोहिया का समाजवाद किसी एक परिवार, जाति या वंश की सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए था. लोहिया ने राजनीति में परिवारवाद को हमेशा लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन माना.
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Ram Manohar Lohia Socialism and SP Family Politics (Photo AI Generated)
Opinion: डॉ. राम मनोहर लोहिया का समाजवाद किसी एक परिवार, जाति या वंश की सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए था. लोहिया ने राजनीति में परिवारवाद को हमेशा लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन माना. उनका स्पष्ट मानना था कि वंशवाद असल में आधुनिक राजनीति का छिपा हुआ सामंतवाद है, जो आने वाले समय में लोकतंत्र को भीतर से खोखला कर देता है. लोहिया ने अपने दौर में कांग्रेस और नेहरू परिवार की राजनीतिक विरासत पर तीखे प्रहार किए थे, क्योंकि वे मानते थे कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में व्यक्ति की पहचान उसके जन्म या कुल से नहीं, बल्कि उसके विचारों, संघर्ष और जनता के प्रति समर्पण से तय होनी चाहिए.
