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कौन हैं आकाश अग्रवाल, जिन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने की बात कही? कैमरे के सामने फूट-फूटकर रो पड़े

आगरा से समाजवादी पार्टी के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं. 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान वह मीडिया के सामने भावुक हो गए और बीजेपी पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया.

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Akash Agarwal Profile: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के मतदान के दौरान आगरा से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल का एक बयान चर्चा में है. चुनाव प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताते हुए वह मीडिया के सामने भावुक हो गए. 

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए और प्रशासन पर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने का दावा किया. इसी दौरान उन्होंने गुस्से और निराशा में शाही जामा मस्जिद जाकर हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल करने की बात भी कही.

आकाश अग्रवाल के इस बयान के बाद उनके बारे में जानने की दिलचस्पी बढ़ गई है. वह कौन हैं, उनकी पढ़ाई कितनी है और वह किस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं? आइए जानते हैं.

कौन हैं डॉ. आकाश अग्रवाल?

डॉ. आकाश अग्रवाल उत्तर प्रदेश के आगरा खंड से विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीट के प्रत्याशी हैं. चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार, आकाश अग्रवाल की उम्र 37 साल है. उनके पिता का नाम जय प्रकाश है. उनकी शैक्षणिक योग्यता डॉक्टरेट दर्ज है. 

उन्होंने 2011 में सिंघानिया विश्वविद्यालय से पीएचडी की. इसके अलावा, उन्होंने 2006 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से एलएलबी और 2003 में जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ से एमएससी (कॉमर्स) की डिग्री हासिल की.

कितनी संपत्ति के मालिक हैं आकाश अग्रवाल?

चुनावी रिकॉर्ड में दर्ज विवरण के अनुसार, डॉ. आकाश अग्रवाल के पास करीब 2.79 करोड़ रुपये की संपत्ति है. उनकी कुल देनदारियां लगभग 36.75 लाख रुपये दर्ज हैं. उनकी आय के स्रोतों में वेतन, किराये से होने वाली कमाई और अन्य आय शामिल हैं. उनकी पत्नी की आय के स्रोतों में भी वेतन और अन्य आय का जिक्र है.

चुनाव के दौरान क्यों भावुक हुए आकाश अग्रवाल?

23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान के दौरान आकाश अग्रवाल ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए. मीडिया से बातचीत करते हुए वह कैमरे के सामने रो पड़े. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से खेरागढ़, फतेहाबाद और छत्ता क्षेत्र के बूथों पर बूथ कैप्चरिंग की गई.

आकाश अग्रवाल का कहना था कि उन्होंने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. उन्होंने सरकारी मशीनरी पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगाया.

सपा प्रत्याशी ने दावा किया कि चुनाव में भाजपा का दबदबा है और उन्हें निष्पक्ष चुनाव के लिए न्याय नहीं मिल रहा है. उनके मुताबिक, अधिकारियों से मुलाकात के बाद भी उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई.

 

शाही जामा मस्जिद जाकर इस्लाम कबूल करने की बात क्यों कही?

मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए आकाश अग्रवाल ने कहा कि कथित प्रशासनिक दुर्व्यवहार के कारण उनका चुनाव प्रक्रिया और न्याय व्यवस्था से भरोसा उठ गया है. इसी नाराजगी में उन्होंने गुस्से में कहा कि वह शाही जामा मस्जिद जाकर हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल करेंगे.

यूपी में किन सीटों पर हो रहा है एमएलसी चुनाव?

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया जा रहा है. इनमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है.

आगरा खंड के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी मतदान हो रहा है. इन सीटों पर सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग व्यवस्था के तहत वोट डाले जाते हैं. केवल संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज शिक्षक और स्नातक मतदाता ही मतदान कर सकते हैं.

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