Mood kya hai Mathura: मथुरा में भाजपा कितनी सीटों पर सेफ और कहां है मुश्किल? पत्रकारों ने बता दिया
मथुरा में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के सामने यमुना प्रदूषण, जलभराव, बेरोजगारी और अंदरूनी गुटबाजी जैसी चुनौतियां हैं. पांचों सीटों पर सियासी समीकरण, रालोद गठबंधन, विपक्ष की रणनीति और जनता के मूड का पूरा विश्लेषण जानिए.
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Mood kya hai Mathura: मथुरा की सियासत 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले गर्माने लगी है. 2022 के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने मथुरा जिले की सभी पांचों सीटों (मथुरा-वृंदावन, छाता, गोवर्धन, मांट और बलदेव) पर परचम लहराया था जिसमें मांट सीट पर भाजपा ने इतिहास में पहली बार जीत दर्ज की थी. हालांकि 2027 का रण जैसे-जैसे करीब आ रहा है विकास के अधूरे वादों, स्थानीय समस्याओं और उभरते जन-आक्रोश के चलते भाजपा के लिए यह राह इतनी आसान नजर नहीं आ रही है. यमुना की दुर्दशा, शहर में जलभराव, बेरोजगारी और हालिया युवाओं के विरोध प्रदर्शनों ने विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के भीतर भी हलचल बढ़ा दी है. क्या 2027 में भाजपा अपनी सभी पांचों सीटें बचा पाएगी या सपा-कांग्रेस और बसपा का नया कॉम्बिनेशन खेल बिगाड़ेगा? मथुरा के चार दशकों के वरिष्ठ पत्रकारों की राय और पांचों सीटों का पूरा सियासी गणित जानिए इस रिपोर्ट में.
