चुनाव से पहले बीजेपी छोड़ सपा में शामिल हुए पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप, अखिलेश यादव से की मुलाकात
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों से पहले बीजेपी को झटका लगा है. आंवला से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.
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Dharmendra Kashyap Joins SP: उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों से पहले बीजेपी को झटका लगा है. आंवला से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. धर्मेंद्र कश्यप के बीजेपी से इस्तीफा देने और सपा में शामिल होने की चर्चा उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद से ही तेज हो गई थी. उन्होंने अपनी पोस्ट में सिर्फ 'टाटा-बाय-बाय' लिखा था, जिसके बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. अब उनके सपा में शामिल होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस घटनाक्रम की चर्चा हो रही है.
अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान ये नेता रहे मौजूद
धर्मेंद्र कश्यप ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली. इस दौरान पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव और सपा जिलाध्यक्ष शुबलेश यादव भी मौजूद रहे. धर्मेंद्र कश्यप के सपा में शामिल होने के बीच यह चर्चा भी है कि वह अपनी बेटी को समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी बेटी की उम्मीदवारी को लेकर किसी आधिकारिक घोषणा का जिक्र नहीं है.
मित्राचार भेंट! उप्र की आंवला लोकसभा सीट से दो बार के सांसद श्री धर्मेंद्र कश्यप जी से मिलकर ‘पीडीए आंदोलन’ को और भी समर्थ, सशक्त और सक्रिय बनाने के लिए संयुक्त प्रयासों पर चर्चा हुई। पीडीए ही हर ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ को मान-सम्मान और स्थान दे सकता है। https://t.co/zWcnsf5pDa
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 11, 2026
'टाटा-बाय-बाय' पोस्ट से शुरू हुई थीं अटकलें
धर्मेंद्र कश्यप की सोशल मीडिया पोस्ट ने बीजेपी से उनकी दूरी को लेकर चर्चाओं को हवा दी थी. उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद उन्होंने 'टाटा-बाय-बाय' लिखा था. पोस्ट में उन्होंने न तो बीजेपी का नाम लिया था और न ही पार्टी छोड़ने की स्पष्ट घोषणा की थी. इसके बावजूद राजनीतिक हलकों में उनके अगले कदम को लेकर कयास लगाए जाने लगे. उनकी अखिलेश यादव से मुलाकातों की खबरों ने भी इन अटकलों को और बढ़ाया था. अब सपा में शामिल होने के बाद उनके राजनीतिक फैसले को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है.
2014 और 2019 में आंवला से जीते थे लोकसभा चुनाव
धर्मेंद्र कश्यप ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में आंवला सीट से बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की थी. इन दोनों चुनावों में जीत के बाद वह संसद पहुंचे थे. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के उम्मीदवारों के नामों को लेकर भी उनका नाम चर्चा में आया था, लेकिन घोषित सूची में उन्हें जगह नहीं मिली. इसी घटनाक्रम के बीच उनकी 'टाटा-बाय-बाय' पोस्ट सामने आई थी.
अखिलेश से मुलाकातों के बाद बढ़ी थी राजनीतिक चर्चा
बीते दिनों धर्मेंद्र कश्यप की अखिलेश यादव से मुलाकातें भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी थीं. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इन मुलाकातों को बीजेपी से उनकी दूरी का संकेत माना था. वहीं, सपा समर्थकों की ओर से 'वेलकम सांसद जी' जैसे कमेंट भी किए गए थे. हालांकि, उस समय धर्मेंद्र कश्यप ने बीजेपी छोड़ने या समाजवादी पार्टी में शामिल होने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया था. अब सपा की सदस्यता लेने के बाद उनका राजनीतिक बदलाव सामने आ गया है.
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