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'सरकार के पास 45 से 50 दिन... JPNIC पर जेपी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे अखिलेश यादव ने BJP को घेरा, तो ब्रजेश पाठक ने भी साधा निशाना!

लखनऊ में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर जेपीएनआईसी (JPNIC) को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव स्मारक पहुंचे और जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि अर्पित की.

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जेपीएनआईसी पर अखिलेश यादव
जेपीएनआईसी पर अखिलेश यादव
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JPNIC Akhilesh Yadav News: लखनऊ में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर जेपीएनआईसी (JPNIC) को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव स्मारक पहुंचे और जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान उन्होंने बीजेपी सरकार पर स्मारक को निजी कंपनियों को लीज पर देने और स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया. वहीं, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के दौरे को नाटक बताते हुए परियोजना की लागत पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि जिस परियोजना की शुरुआत 17 करोड़ रुपये से हुई थी, उसकी लागत 850 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गई. इससे पहले ओम प्रकाश राजभर भी जेपीएनआईसी के निर्माण पर खर्च हुए 864 करोड़ रुपये का हिसाब मांग चुके हैं.

अखिलेश यादव ने सरकार को लेकर क्या कहा?

जेपीएनआईसी का दौरा करने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था और उनके आंदोलन से देश में परिवर्तन आया. उन्होंने कहा कि जयप्रकाश समाजवादी विचारधारा के साथ चले और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. अखिलेश ने यह भी कहा कि जयप्रकाश ने राष्ट्रपति और महात्मा गांधी के साथ काम किया था. सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान नहीं करती. उनके मुताबिक जयप्रकाश नारायण की याद में इतना बड़ा स्मारक बनाया गया, लेकिन अब सरकार इसे भी बेचकर मुनाफा कमाना चाहती है. अखिलेश ने दावा किया कि अब म्यूजियम में कुछ बचा नहीं है.

सरकार पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने जेपीएनआईसी को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के लिए विचार महत्वपूर्ण नहीं रह गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे के दबाव में विचारों को दबाया जा रहा है. सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार में बैठे लोग जितनी पीड़ा देंगे, उतना ही PDA बढ़ेगा. उन्होंने परिवर्तन होने का दावा करते हुए कहा कि इस सरकार के पास अब 45 से 50 दिन से ज्यादा समय नहीं बचा है. अखिलेश के इन बयानों के बाद जेपीएनआईसी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है.

ब्रजेश पाठक ने बताया राजनीतिक नाटक

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के दौरे पर निशाना साधते हुए इसे श्रद्धांजलि के नाम पर किया गया नाटक बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी महापुरुषों और डॉ. राममनोहर लोहिया तथा जयप्रकाश नारायण के नाम का इस्तेमाल अपने कामों पर उठने वाले सवालों से बचने के लिए करती है. ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उनकी सरकार के दौरान शुरुआत में 17 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना बढ़कर 850 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गई. उन्होंने परियोजना की लागत में बार-बार हुई बढ़ोतरी और फाइव स्टार सुविधाओं तथा स्विमिंग पूल के निर्माण को लेकर भी सवाल खड़े किए.

ब्रजेश पाठक ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई ऐसी सुविधाओं पर खर्च होनी चाहिए या नहीं, इसका जवाब अखिलेश यादव को देना चाहिए. उन्होंने जेपीएनआईसी को बेचने के आरोपों को गलत बताया. उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, परियोजना को बेचने के बजाय बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से लीज पर दिया गया है, ताकि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल हो सके. उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी जिंदगी भ्रष्टाचार, कदाचार और परिवारवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी. पाठक ने कहा कि महापुरुषों के आदर्शों पर चलना और उनका सम्मान करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है, न कि उनके नाम पर राजनीति करना.

ओम प्रकाश राजभर ने भी उठाया 864 करोड़ रुपये का सवाल

जेपीएनआईसी को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर भी अखिलेश यादव पर निशाना साध चुके हैं. उन्होंने सवाल किया कि परियोजना पर 864 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ. राजभर ने कहा कि परियोजना की लागत लगातार बढ़ती गई, लेकिन काम अधूरा रह गया. उन्होंने अखिलेश यादव से जनता के पैसे का हिसाब देने की मांग की. राजभर के मुताबिक, जेपीएनआईसी के नाम पर राजनीति करने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी निर्माण पूरा क्यों नहीं हो सका. इस बयान से परियोजना की लागत और निर्माण की स्थिति को लेकर विवाद और गहरा गया.

लीज को लेकर भी आमने-सामने सपा और बीजेपी

जेपीएनआईसी अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है. साल 2016 में अखिलेश यादव ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया. साल 2017 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद परियोजना की लागत और अधूरे निर्माण को लेकर सवाल उठे. अब सरकार ने इसके विकास और संचालन के लिए 30 साल की लीज पर निजी कंपनियों को देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसमें वृंदावन बॉटलर्स और रॉकवुड होटल्स एंड रिसोर्ट का नाम सामने आया है. सरकार का कहना है कि लीज से सेंटर का बेहतर विकास और प्रबंधन हो सकेगा, जबकि अखिलेश यादव इसे स्मारक को बेचने की कोशिश बता रहे हैं. ऐसे में जेपीएनआईसी का मुद्दा केवल निर्माण लागत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके भविष्य और प्रबंधन को लेकर भी सपा और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं.

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