Opinion: राज्यसभा सांसद और यूपी के पूर्व DGP बृजलाल बोले- सड़क पर नमाज धर्म का नहीं, कानून-व्यवस्था का मुद्दा
Opinion: सड़कों पर नमाज के मुद्दे पर पूर्व पुलिस अधिकारी का बड़ा बयान. सीएम योगी आदित्यनाथ के फैसले को बताया सही. जानिए क्यों यह धर्म नहीं, कानून-व्यवस्था का मामला है.
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अगर बिना लाग-लपेट मुझे अपनी बात कहनी हो तो पहले मैं पूछूंगा- क्यों, मुख्यमंत्री के तार्किक बयान का आखिर विरोध क्यों? क्या इस देश में नागरिक अधिकारों की रक्षा नहीं की जाएगी और कौन सा कानून यह अधिकार देता है कि सड़कों पर नमाज पढ़ी जाए? मैंने लंबे समय तक पुलिस अधिकारी का दायित्व निभाया है और कानून व्यवस्था की हजारों स्थितियां देखी हैं. इसलिए यह कहने में मुझे रंच मात्र भी हिचक नहीं कि सार्वजनिक सड़कों पर नमाज का मुद्दा न तो धर्म का है, न आस्था का, यह विशुद्ध रूप से कानून-व्यवस्था, अनुशासन और राज्य की संप्रभुता का प्रश्न है. मैं उत्तर प्रदेश सरकार और विशेष तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करना चाहूंगा, जिन्होंने धर्म के नाम पर होने वाली अराजकता पर अंकुश लगाया. उन्होंने जो रुख अपनाया है, वह न केवल संवैधानिक दृष्टि से सही है, बल्कि किसी भी सभ्य और विधि-सम्मत समाज को यह रुख अपनाना ही चाहिए.