महंत नरेंद्र गिरि को जल समाधि या भू-समाधि? जानें परंपरा के मुताबिक कैसे होगा अंतिम संस्कार

मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि को भू-समाधि दी जाएगी. बाघंबरी गद्दी परिसर में ही परंपरा के अनुसार नरेंद्र गिरी को भू-समाधि देने के…

मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि को भू-समाधि दी जाएगी. बाघंबरी गद्दी परिसर में ही परंपरा के अनुसार नरेंद्र गिरी को भू-समाधि देने के लिए इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं. आश्रम के पास गाड़ियों का पूरा काफिला मौजूद है, जिसमें लग्जरी कार से एंबुलेंस तक शामिल हैं.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मंगलवार 11:30 बजे के बाद महंत नरेंद्र गिरि का पार्थिव शरीर मठ बाघंबरी गद्दी में आमजन के दर्शन के लिए रखा जाएगा. आत्महत्या की आशंका के चलते नरेंद्र गिरी के शव का पोस्टमार्टम होना है. ऐसा माना जा रहा है कि दिन में 11:30 से पहले पोस्टमॉर्टम हो जाएगा.

आपको बता दें कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की प्रयागराज में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. संत परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए जल समाधि और भू-समाधि का प्रावधान है. नरेंद्र गिरि निरंजनी अखाड़े के महंत थे और इसी को देखते हुए फैसला लिया गया है.

संन्यासी का नहीं रह जाता परिवार से कोई संबंध

संन्यास धारण करते समय ही व्यक्ति अपना पिंड दान कर देता है. इसके बाद संन्यासी का परिवार से कोई संबंध नहीं रह जाता. ऐसी स्थिति में पंच परमेश्वर ही संन्यासी के संबंध में फैसला लेते हैं.

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