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योगी के मंत्री दयाशंकर सिंह से भिड़ गए बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह, आखिर इनके बीच क्या चल रहा

बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने बिना नाम लिए योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर पर आरोप लगाया कि बलिया के विकास में कुछ माननीय रोड़ा बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र के लिए जो भी प्रोजेक्ट लाना चाहते हैं उसमें अधिकारियों के जरिए अड़चनें पैदा की जा रही हैं.

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Umashankar Singh VS Dayashankar Singh
Umashankar Singh VS Dayashankar Singh
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पूर्वांचल की सियासत एक बार फिर से ठाकुर बनाम ठाकुर की लड़ाई को लेकर गरमा गई है. यूपी की राजनीति के दो बड़े नेता एक दूसरे के सामने आ चुके हैं.इसमें से एक बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह हैं और दूसरे योगी सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह. लेकिन इन दोनों नेताओं की चर्चा तब तेज हुई जब बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने दयाशंकर सिंह पर विकास कार्यों में अड़ंगा डालने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए. हालांकि इस दौरान उमाशंकर सिंह सिंह ने दयाशंकर सिंह का नाम नहीं लिया. लेकिन उनका इशारा बिल्कुल साफ था.

यहां देखें पूरी वीडियो रिपोर्ट

उमाशंकर सिंह ने लगाए ये आरोप

बसपा के बड़े नेता और विधायक उमाशंकर सिंह अमेरिका में अपने ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कराकर वापस लौटे चुके हैं. उनके घर पर नए साल की बधाइयां और समर्थकों का हुजूम लगा हुआ था. लेकिन उमाशंकर सिंह के तेवर बदले हुए थे. उन्होंने बिना नाम लिए योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर का बिना नाम लिए आरोप लगाया कि बलिया के विकास में कुछ माननीय रोड़ा बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र के लिए जो भी प्रोजेक्ट लाना चाहते हैं उसमें अधिकारियों के जरिए अड़चनें पैदा की जा रही हैं. उमाशंकर सिंह ने कहा कि साजिश करके बलिया के विकास के सपनों को कमजोर करने की कोशिश हो रही है.'

विधायक उमाशंकर सिंह ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हमला बोलते हुए कहा कि बलिया में सड़कों और नालियों के नाम पर 52 रुपए उठाए गए.लेकिन लेकिन आज तक न सड़क बनी और ना नाली. पैसा उठाकर सिर्फ घोटाले करने का काम किया जा रहा है.' उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कोई भी आकर बता दे कि बलिया में आज तक कौन सा काम पूरा हुआ है.मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ चल रही इस जुबानी जंग के बीच उमाशंकर सिंह ने खुद को जनता का सेवक बताया. उन्होंने कहा कि 'मैं नेताओं की नजरों में अच्छा नहीं बनना चाहता, मैं बलिया की जनता के लिए उत्तरदायी हूं. हम अटल जी के कार्यकर्ता रहे हैं, हम झूठ बोलकर राजनीति नहीं करते. सच बोलकर भी राजनीति की जा सकती है और मैं यह करके दिखाऊंगा.'

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बलिया की राजनीति में इन दोनों ठाकुर नेताओं का आमना-सामना कोई नई बात नहीं है. लेकिन अमेरिका से लौटने के तुरंत बाद उमाशंकर सिंह का यह हमला संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में यह लड़ाई और भी आक्रामक होने वाली है. भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दे पर शुरू हुआ यह विवाद अब सीधे तौर पर वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है.

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