मां को ब्रेन हेमरेज, पिता को कैंसर... गैस सिलेंडर के लिए बाराबंकी से 200 KM दूर शाहजहांपुर पहुंचे अरुण की कहानी रुला देगी
गैस सिलेंडर की किल्लत ने बढ़ाई आम आदमी की मुसीबत. बीमार मां-बाप के लिए शाहजहांपुर से 200 किमी दूर आया बेटा रात 3 बजे से लाइन में लगा. कैंसर पीड़ित पिता और ब्रेन हेमरेज वाली मां के लिए चूल्हा जलाने की जद्दोजहद.
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Arun Kumar
बाराबंकी की अमित गैस एजेंसी के बाहर अंधेरी रात में ठिठुरते हुए एक लड़के की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. तस्वीर में नजर आ रहे इस लड़के का नाम अरुण कुमार है जिनके घर का चूल्हा पिछले दो दिनों से ठंडा पड़ा है. क्योंकि उनके घर का सिलेंडर खत्म हो चुका है. घर में एक तरफ कैंसर से जूझते पिता हैं तो दूसरी तरफ ब्रेन हेमरेज की शिकार बिस्तर पर पड़ी मां. बीमार मां-बाप के हलक में दो निवाले डालने के लिए अरुण शाहजहांपुर से 200 किलोमीटर का सफर तय कर अपने गांव पहुंचे और फिर रात के 3 बजे से लाइन में लग गए. यह कहानी सिर्फ एक सिलेंडर की किल्लत की नहीं है उस सिस्टम की हार है जहां एक गरीब को दो वक्त की रोटी पकाने के लिए रात भर जागकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है.