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फर्स्ट अटेम्प्ट में PCS निकाला और पाई थी 15वीं रैंक! इस्तीफा देने वाले मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की काबिलियत आपको चौंका देगी

सिमर चावला

Alankar Agnihotri Education Qualification: बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री कानपुर के रहने वाल हैं. उनके पिता की कम उम्र में ही मौत हो गई थी.ऐसे में परिवार को आर्थिक सहारा देने के लिए अलंकार अग्निहोत्री ने आईटी सेक्टर में करीब 10 साल तक कंसल्टेंसी की नौकरी की.इस दौरान उन्होंने PCS बनने का सोचा और तैयारी भी शुरू कर दी और पहले ही प्रयास में यूपी पीसीएस परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल की.

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Alankar Agnihotri Cleared PCS exam on his first attempt
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Alankar Agnihotri Qualification: बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को UGC के नए नियम को काला कानून बताते हुए और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के अपमान का हवाला देकर इस्तीफा दिया है. हालांकि उनके इस्तीफा की खबर सामने आते ही हड़कंप मच गया.  हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है. बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री की गिनती तेज-तर्रार अधिकारियों में होती है. अलंकार अग्निहोत्री ने अपने भाई-बहन और परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभालते हुए PCS की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में उन्होंने 15वीं रैंक हासिल की थी.

पिता की मौत के बाद संभाली भाई-बहनों की जिम्मेदारी

अलंकार अग्निहोत्री कानपुर के रहने वाल हैं. उनके पिता की कम उम्र में ही मौत हो गई थी. पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारियों का दायित्व उन पर आ गया था. उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ छोटे भाई-बहनों की आवश्यकताओं को देखते हुए निजी क्षेत्र में नौकरी की. अलंकार अपने परिवार में सबसे बड़े बेटे हैं और उनके चार भाई और एक बहन हैं. कठिन हालातों के बीच उन्होंने न सिर्फ पढ़ाई जारी रखी बल्कि अपने छोटे भाई-बहनों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निजी क्षेत्र में नौकरी भी की.

10 साल तक की आईटी सेक्टर में नौकरी

परिवार को आर्थिक सहारा देने के लिए अलंकार अग्निहोत्री ने आईटी सेक्टर में करीब 10 साल तक कंसल्टेंसी की नौकरी की. जब परिवार की स्थिति स्थिर हो गई और भाई-बहन आत्मनिर्भर हो गए तब उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी का फैसला लिया. इसके बाद उन्होंने प्राइवेट जॉब छोड़कर यूपीपीसीएस परीक्षा की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर डिप्टी कलेक्टर बने.साल 1998 की यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में उन्होंने प्रदेश स्तर पर 21वां स्थान प्राप्त किया.इसके बाद उन्होंने आईआईटी-बीएचयू से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की. सिविल सेवा में जाने की इच्छा पहले से थी. लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने पहले नौकरी को प्राथमिकता दी.

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PCS परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल करने वाले अलंकार अग्निहोत्री

साल 2014 में परिस्थितियां अनुकूल होने पर उन्होंने पूरी तरह से पीसीएस की तैयारी में जुटने का निर्णय लिया.इस दौरान आर्थिक जोखिम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एक वर्ष की सैलरी पहले ही बचा ली थी ताकि तैयारी के समय परिवार पर कोई दबाव न पड़े.यूपी पीसीएस परीक्षा में उन्होंने 15वीं रैंक प्राप्त की और पहले ही प्रयास में सफलता दर्ज की.अलंकार अग्निहोत्री बरेली से पहले लखनऊ, उन्नाव और बलरामपुर में एसडीएम पद पर कार्य कर चुके हैं। प्रशासनिक हलकों में वे स्पष्ट निर्णय लेने और अनुशासित कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं.

अलंकार के परिवार के घर कानपुर में जब कुछ पत्रकार बातचीत करने पहुंचे तो परिवार ने कुछ भी कहने से मना कर दिया. वहीं पड़ोसियों ने बताया कि अलंकार शुरुआत से मेधावी और अपने में रहने वाले व्यक्ति रहे हैं. परिवार का किसी तरीके का कोई राजनीतिक कनेक्शन या झुकाव नहीं रहा है.

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