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'काशी की लड़ाई से डर गई भाजपा'... कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं के बीच अजय राय ने किया पलटवार

इस बीच एक दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय अपनी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं. अब इस मामले पर खुद अजय राय ने सफाई दे दी है. 

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UP Loksabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के चलते उत्तर प्रदेश समेत समूचे भारत में सियासी हलचल तेज है. ऐसे में नेताओं का एक दल छोड़कर दूसरे में जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है. इस बात को कहने में कोई हिचक नहीं है कि इस वक्त उन नेताओं की तादाद ज्यादा है जो अपने दल को छोड़कर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जॉइन कर रहे हैं. इस बीच एक दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय अपनी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं. अब इस मामले पर खुद अजय राय ने सफाई दे दी है. 

भाजपा में शामिल होने के दावे को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने षड्यंत्र बताया है. अजय राय ने आरोप लगाते हुए कहा कि 'भाजपा की तरफ से झूठ प्रचारित किया जा रहा है. मेरे खिलाफ अफवाह फैलाई जा रही है."

 

 

अजय राय ने कहा, "हम सब कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और रहेंगे. कांग्रेस ने जो प्यार और सम्मान दिया है, उसका हम कर्ज नहीं उतार सकते. उसको हम भूल नहीं सकते. इस बार काशी में लड़ाई चौकस हो गई है और भाजपा परेशान हो गई है, डरी हुई है..."    

पिछले 2 चुनावों में कैसा रहा वाराणसी लोकसभा सीट का हाल?

बता दें कि साल 2014 में पीएम मोदी वाराणसी लोकसभा सीट पर से 5 लाख 81 हजार 22 वोट से विजयी हुई थे. दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल रहे थे. इस दौरान केजरीवाल को 2 लाख 92 हजार 238 वोट ही मिले थे. इस दौरान कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय का सिर्फ 75 हजार 614 वोट ही मिल पाए थे. 

2019 लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने अजय राय को ही टिकट दिया और उन्हें पीएम मोदी के सामने खड़ा किया. मगर पीएम मोदी के सामने विपक्षी उम्मीदवार कहीं नजर नहीं आए. इस चुनाव में पीएम मोदी को 6,74,664 लाख वोट मिले. सपा उम्मीदवार शालनी यादव को इस दौरान सिर्फ 1,95,159 वोट ही मिले सके. कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय इस बार भी कोई कमाल नहीं कर पाए और उन्हें सिर्फ 1,52,548 वोट ही मिले. वह तीसरे स्थान पर रहे.   

 

 

कांग्रेस ने एक बार फिर अजय राय पर दांव खेला है. इस बार सपा भी कांग्रेस के साथ है. अजय राय गठबंधन उम्मीदवार के तौर पर पीएम मोदी को चुनावी टक्कर देने उतरेंगे. अब देखना ये होगा कि अजय राय इस बार पीएम मोदी को कितनी चुनावी टक्कर दे पाते हैं?