फरसा वाले बाबा: कौन थे चंद्रशेखर बाबा? 8 साल की उम्र में संन्यास और 15 किलो का फरसा उठाने की पूरी कहानी
Farsa Wale Baba Mathura Biography: जानिए मथुरा के प्रसिद्ध 'फरसा वाले बाबा' की अनसुनी कहानी. बचपन में माता-पिता को खोने के बाद कैसे वे सन्यासी बने और क्यों उन्होंने गौ रक्षा के लिए 15 किलो का फरसा उठाया.
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मथुरा के प्रसिद्ध 'फरसा वाले बाबा' (चंद्रशेखर बाबा) की दुखद मृत्यु के बाद उनके जीवन और उनके 'फरसा' उठाने के पीछे की कहानी चर्चा में है. महज 8 साल की उम्र में संन्यास लेने वाले बाबा का जीवन गौ सेवा और संघर्ष की एक अनूठी मिसाल रहा है. बाबा चंद्रशेखर मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के 'गोपाल का नगला' गांव के रहने वाले थे. बचपन में ही उनके माता-पिता का साया सिर से उठ गया था. इस बड़े व्यक्तिगत दुख ने उन्हें वैराग्य की ओर धकेल दिया और मात्र 8 साल की उम्र में उन्होंने संन्यास ले लिया.