इटावा और मुलायम सिंह यादव, दोनों एक से हो गए है. क्या सपा क्या बीजेपी, अब वहां वो निरविरोध. इसका सटीक उदाहरण हमे जब देखने को मिली जब इटावा जनपद की जसवंतनगर विधानसभा की नगरपालिका में पहली बोर्ड मिटींग में ही नेता जी मुलायम सिंह की विशाल प्रतिमा के साथ-साथ सड़कों के नाम से लेकर पार्क के नाम और मुख्य द्वार तक बनाने का प्रस्ताव आया तो बिना किसी विरोध सभी सदस्यों की सहमति से प्रस्ताव पास हो गया..