10 अक्टूबर को कैसा रहेगा यूपी का मौसम? इन 30 जिलों में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
यूपी में 10 अक्टूबर को कई जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है. मौसम विभाग ने पूर्वांचल, तराई और पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में बौछारों का अनुमान जताया है. 11 अक्टूबर से मौसम शुष्क होने लगेगा.
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UP Weather: उत्तर प्रदेश में मॉनसून की विदाई की हलचल के बीच 10 अक्टूबर के मौसम का अपडेट सामने आ चुका है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 10 अक्टूबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है. राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है. हालांकि आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा.
10 अक्टूबर को कैसा रहेगा यूपी का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 10 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा या बौछारें पड़ने की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश या मेघगर्जन देखने को मिल सकता है.

किन-किन जिलों में हल्की बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार, तराई, अवध, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के कुछ चुनिंदा जिलों के आसपास हल्की बारिश या बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है.
पूर्वांचल व तराई क्षेत्र: देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और सीतापुर.
पश्चिम व रोहिलखंड क्षेत्र: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं के आसपास कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बौछारें पड़ सकती हैं.
11 अक्टूबर से शुष्क होने लगेगा मौसम
मौसम में आ रहे इस बदलाव के बीच आने वाले दिनों में बारिश पर पूरी तरह ब्रेक लगने वाला है. 11 अक्टूबर से ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की प्रबल संभावना जताई गई है. वहीं पश्चिमी भाग में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं. लेकिन 12 और 13 अक्टूबर से पूरा पश्चिमी संभाग भी शुष्क हो जाएगा.
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम साफ होने की ओर बढ़ने के साथ ही कृषि वैज्ञानिकों और मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है.
धान व मक्का की कटाई: पककर तैयार हो चुकी धान और खरीफ मक्का की फसल की कटाई शुष्क मौसम का लाभ उठाकर ही करें.
जल निकासी: जिन खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है वहां से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें ताकि गन्ने, अरहर और उड़द की फसलों की जड़ों को सड़ने से बचाया जा सके.
