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ट्रेन हो गई है 3 घंटे से ज्यादा लेट, अब रेलवे किन लोगों को देगा मुफ्त खाना या पूरा रिफंड?

अगर आपकी ट्रेन 2 घंटे से ज्यादा लेट है, तो राजधानी, शताब्दी और दुरंतो एक्सप्रेस के पात्र यात्रियों को मुफ्त भोजन और पैकेज्ड पानी मिल सकता है. सुविधा सभी ट्रेनों में लागू नहीं होती. वहीं, ट्रेन आपके बोर्डिंग स्टेशन पर 3 घंटे से ज्यादा लेट है और आप सफर नहीं करना चाहते, तो पूरा किराया वापस पाने का प्रावधान है.

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आप लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी या गाजियाबाद से ट्रेन पकड़ने वाले हैं. आप समय पर स्टेशन पहुंच जाते हैं, लेकिन पता चलता है कि ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट है. इंतजार लंबा हो रहा है, भूख लग रही है और सफर का पूरा प्लान बिगड़ गया है. ऐसे में आपके मन में दो सवाल आ सकते हैं- क्या रेलवे मुफ्त खाना देगा? और अगर अब सफर नहीं करना है तो क्या टिकट के पूरे पैसे वापस मिल सकते हैं?

रेलवे में इन दोनों स्थितियों के लिए नियम हैं, लेकिन मुफ्त खाना और टिकट का पूरा रिफंड अपने आप मिलने वाली सुविधाएं नहीं हैं. इनके लिए कुछ शर्तें लागू होती हैं, इसलिए स्टेशन पर इंतजार करने से पहले जान लेना जरूरी है कि आपका टिकट किस तरह का है और आपको किस सुविधा का लाभ मिल सकता है.

2 घंटे लेट होने पर किन ट्रेनों में मिलता है मुफ्त खाना?

रेलवे के आधिकारिक नियमों के मुताबिक, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो एक्सप्रेस के निर्धारित समय से 2 घंटे से ज्यादा लेट चलने पर यात्रियों को मुफ्त भोजन और पैकेज्ड पीने का पानी दिया जाएगा. सुविधा उन ट्रेनों में लागू है जिनके टिकट किराये में कैटरिंग शुल्क शामिल है. भोजन ट्रेन के निर्धारित सर्विस टाइम के हिसाब से दिया जाता है. रेलवे ने इसके साथ शर्त भी रखी है कि सुविधा उपलब्ध कराना व्यावहारिक रूप से संभव होना चाहिए.

नियम सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों पर लागू नहीं है. सामान्य ट्रेनों में पेंट्री कार या दूसरी कैटरिंग सेवाओं से खाना खरीदकर लिया जा सकता है. सिर्फ ट्रेन के 2 घंटे लेट होने से वहां मुफ्त खाना मिलने का अधिकार नहीं बनता.

ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट है तो पूरे पैसे कैसे वापस मिलेंगे?

मान लीजिए आपने लखनऊ से दिल्ली या कानपुर से मुंबई जाने के लिए टिकट बुक किया है. स्टेशन पहुंचने पर पता चलता है कि ट्रेन आपके बोर्डिंग स्टेशन पर निर्धारित समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट है. अगर अब आप सफर नहीं करना चाहते तो रेलवे के नियमों के तहत पूरा किराया वापस पाने का प्रावधान है. इसके लिए जरूरी है कि आप यात्रा न करें और टिकट के प्रकार के मुताबिक निर्धारित प्रक्रिया अपनाएं. 

अगर आपके पास IRCTC का ई-टिकट है, तो इन बातों का ध्यान रखें- ट्रेन आपके बोर्डिंग स्टेशन पर निर्धारित समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट हो. संबंधित PNR पर किसी भी यात्री ने यात्रा न की हो. ट्रेन के आपके बोर्डिंग स्टेशन से वास्तव में रवाना होने से पहले TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करें.

टीडीआर फाइल करने के लिए IRCTC की वेबसाइट पर लॉग इन करें. बुक की गई टिकटों की हिस्ट्री में संबंधित PNR चुनें और टीडीआर फाइल करने का विकल्प देखें. यात्रा नहीं करने के कारण के रूप में ट्रेन की 3 घंटे से ज्यादा देरी वाला उचित विकल्प चुनकर आवेदन जमा करें. ट्रेन के वास्तविक प्रस्थान के बाद टीडीआर फाइल करने पर इस नियम के तहत पूरा रिफंड नहीं मिलेगा, इसलिए यात्रा छोड़ने का फैसला करते ही समय सीमा का ध्यान रखें और ट्रेन निकलने से पहले ही टीडीआर फाइल कर दें.

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