प्लेन क्रैश में अजित पवार संग जान गंवाने वाली जौनपुर की पिंकी माली और उनके परिवार की पूरी कहानी अब पता चली
UP News: अजित पवार विमान हादसे में जान गंवाने वालीं पिंकी माली और उनके पिता शिवकुमार माली के संघर्ष की दास्तां. 1989 में एक चूक से गई थी पिता की नौकरी, फिर टैक्सी चलाकर बेटी को बनाया फ्लाइट अटेंडेंट. जानिए इस भावुक कहानी के बारे में.
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महाराष्ट्र में हुए दर्दनाक विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ जान गंवाने वाली पिंकी माली के परिवार की कहानी संघर्ष की मिसाल है. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले पिंकी माली के पिता शिवकुमार माली कभी दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री के विमान की सेवा में तैनात थे. लेकिन एक छोटी सी चूक ने उनकी जिंदगी बदल दी थी. शिवकुमार माली साल 1989 में दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर ड्राई क्लीनर के तौर पर कार्यरत थे. उस समय वीपी सिंह प्रधानमंत्री थे. शिवकुमार बताते हैं कि उनसे एक मामूली सी गलती हुई थी, जिसके कारण उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ा था.
शिवकुमार ने फिर मुंबई में किया संघर्ष
दिल्ली से नौकरी जाने के बाद वह मुंबई आ गए. वहां उन्होंने सेंचुरी मिल में काम शुरू किया. लेकिन मिल बंद होने के बाद वह शहर में टैक्सी चलाने लगे. शिवकुमार राजनीतिक रूप से भी सक्रिय रहे. वे पहले एनसीपी से जुड़े थे. लेकिन बाद में उन्होंने एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया.
पिंकी ने मॉडलिंग छोड़ चुना एविएशन करियर
जब पिंकी माली ने स्कूल की पढ़ाई पूरी की तो उनके पास मॉडलिंग या एविएशन में से एक को चुनने का विकल्प था. पिता के प्रोत्साहन पर पिंकी ने एविएशन इंडस्ट्री को चुना. वह पिछले 8 सालों से फ्लाइट अटेंडेंट थीं और कई वीवीआईपी (VVIPs) के साथ यात्रा कर चुकी थीं. पिंकी शादीशुदा थीं. उनके पति पुणे की एलएंडटी (L&T) कंपनी में काम करते हैं. जबकि उनकी बहन कोकिलाबेन अस्पताल में नर्स हैं.
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पिंकी ने अजित पवार से कराई थी पिता की बात
शिवकुमार ने बताया कि तीन दिन पहले ही पिंकी ने विमान के भीतर उनकी बात अजित पवार से करवाई थी. पिंकी ने बड़े हक से अजित पवार से कहा था कि 'आप पूरे राज्य का दौरा करते हैं, लेकिन अपने कार्यकर्ताओं का ख्याल नहीं रखते.' उन्होंने अपने पिता के शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने की बात भी बताई. अजित पवार ने पिंकी से उनका विजिटिंग कार्ड लिया था और उनके पीए महावीर जाधव ने शिवकुमार से बात कर उन्हें मुंबई के देवगिरी बंगले पर मिलने के लिए बुलाया था.
हादसे से पहले की आखिरी कॉल पर हुई थी ये बात
बीती रात पिंकी ने अपने पिता को फोन कर बताया था कि वह अजित पवार के साथ बारामती जा रही हैं और वहां से नांदेड जाएंगी. जब परिवार ने टीवी पर अजित पवार के विमान क्रैश की खबर सुनी, तो उन्हें तुरंत समझ आ गया कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही.










