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CM योगी के लिए रो रोकर इस्तीफा देने वाले डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह का चुनावी पोस्टर बाहर निकला! इस सीट से चाहते थे टिकट

समर्थ श्रीवास्तव

GST Officer Political Ambitions: सामने आई जानकारी के अनुसाार साल 2022 में जब प्रशांत सिंह जीएसटी विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर थे तब उन्होंने अपने गृह जनपद मऊ से विधानसभा टिकट की दावेदारी पेश की थी. इस दौरान मऊ में उनके समर्थन में पोस्टर भी लगाए गए थे.

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Prashant Singh Poster
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GST Officer Political Ambitions: अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर (GST) प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को एक वीडियो में रोते हुए अपने पद से इस्तीफे की बात की थी. प्रशांत सिंह का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ था जिसमें वे अपनी पत्नी के सामने रोते हुए कह रहे थे कि वे सीएम योगी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं कर सके. इस बीच यह खुलासा हुआ है कि प्रशांत सिंह साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके हैं.

मऊ से विधानसभा टिकट की पेश कर चुके हैं दावेदारी

सामने आई जानकारी के अनुसाार साल 2022 में जब प्रशांत सिंह जीएसटी विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर थे तब उन्होंने अपने गृह जनपद मऊ से विधानसभा टिकट की दावेदारी पेश की थी. इस दौरान मऊ में उनके समर्थन में पोस्टर भी लगाए गए थे. हालांकि उस वक्त पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया और नौकरी जारी रखी. इसके बाद प्रमोशन पाकर वे डिप्टी कमिश्नर बने और उनका ट्रांसफर अयोध्या में हो गया.

'दो रातों से सोया नहीं हूं'

इस्तीफे के बाद वायरल हुए वीडियो में प्रशांत सिंह अपनी पत्नी से फोन पर बात करते हुए कहते हैं कि 'मुझसे यह सब सहन नहीं हुआ... जिसका नमक खाते हैं उसका सिला अदा करना चाहिए. मैं पिछले दो रातों से सोया नहीं हूं. मेरी दो छोटी बेटियां हैं. लेकिन मैं अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकता.' राज्यपाल को भेजे अपने त्यागपत्र में प्रशांत सिंह ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा से गहरी ठेस पहुंची है. उन्होंने लिखा कि पालकी पर बैठकर मुख्यमंत्री को अपशब्द कहना समाज को तोड़ने और जातिगत वैमनस्य फैलाने वाला काम है. उन्होंने इसे समाज के लिए घातक बताते हुए पद त्यागने का फैसला किया.

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भाई ने लगाए ये आरोप

हालांकि प्रशांत सिंह का वीडियो वायरल होते ही उनके बड़े भाई ने उनपर गंभीर आरोप लगाया है. प्रशांत सिंह के भाई  डॉ.विश्वजीत का कहना है कि कि उन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की थी.भाई का आरोप है कि इस्तीफा देना महज एक नाटक है ताकि विभाग द्वारा होने वाली संभावित जांच और रिकवरी से बचा जा सके.अब इस मामले में CMO मऊ ने जांच शुरू कर दी हैजिससे प्रशांत के इस्तीफे की टाइमिंग पर भी सवाल उठने लगे हैं. 

अलंकार अग्निहोत्री से जुड़ रहे हैं तार

गौरतलब है कि प्रशांत सिंह का इस्तीफा बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के ठीक बाद आया है. अलंकार ने जहां यूजीसी नियम और संतों के अपमान को मुद्दा बनाया था. वहीं प्रशांत सिंह ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के प्रति निष्ठा को आधार बनाया है. प्रशासन ने फिलहाल प्रशांत के इस्तीफे पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.जबकि अलंकार अग्निहोत्री को पहले ही निलंबित किया जा चुका है.