उन्नाव के ओम प्रकाश ने शिक्षक की नौकरी छोड़ किया ये बड़ा काम, PM मोदी ने भी की खूब तारीफ

उन्नाव के ओम प्रकाश ने शिक्षक की नौकरी छोड़ किया ये बड़ा काम, PM मोदी ने भी की खूब तारीफ
फोटो: शिल्पी सेन

Unnao News: लखनऊ की सीमा से लगे उन्नाव जिले के हसनगंज में एक कॉमन सर्विस सेंटर पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है. यहाँ की सुविधाओं को इस गांव और आस पास के क्षेत्र के लोग जानते हैं, लेकिन अब दूर दराज से भी लोग पहुंच रहे हैं. वजह ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में इस सेंटर को चलाने वाले ओम प्रकाश सिंह की तारीफ की है. ओम प्रकाश सिंह ने 82 ग्राम पंचायतों में ब्रॉड बैंड कनेक्शन दिए हैं.

अहम बिंदु

28 अगस्त के 'मन की बात' में पीएम मोदी ने कहा कि 'डिजिटल इंडिया ने उन्नाव में रहने वाले ओम प्रकाश सिंह जी को भी Digital Entrepreneur बना दिया है. उन्होंने अपने गांव में एक हजार से ज्यादा ब्रॉड बैंड कनेक्शन स्थापित किए हैं. ओम प्रकाश सिंह ने अपने कॉमन सर्विस सेंटर के आस-पास फ्री WiFi जोन का निर्माण किया है, जिससे जरूरतमंद लोगों को बहुत मदद हो रही है.'

प्रधानमंत्री ने इस बात के लिए भी ओम प्रकाश की तारीफ की कि उन्होंने अपने उद्यम से गांव में 20 लोगों को रोजगार दिया है. देश में डिजिटल क्रांति के लिए Digital India का नारा दिया गया है. इसी के एक सिपाही ओम प्रकाश सिंह भी हैं, जिन्होंने शिक्षक की नौकरी छोड़कर पूरी तरह से काम की किया और अपने गांव हसनगंज में ग्राहक सेवा केंद्र स्थापित किया. अपने CSC के माध्यम से ओम प्रकाश सिंह ने अपने गांव के साथ आस-पास की तस्वीर बदल दी. ओम प्रकाश सिंह और उनकी पत्नी पद्मिनी देवी के CSC से 82 ग्राम पंचायतों में ब्रॉड बैंड कनेक्शन दिए और कई लोगों को रोजगार दिया है.

शिक्षक की नौकरी छोड़ कर बने Digital Entrepreneur

उन्नाव जजिले के हसनगंज में एक स्कूल में शिक्षक रहे ओम प्रकाश सिंह ने 2015 में छोटा सा जन सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) खोला था. पर उनके जीवन में और इस गांव में बदलाव तब आया जब 2018 में उन्होंने दिल्ली में Digital India को बढ़ावा देने के लिए ‘जन सेवा केंद्रों’ के एक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आह्वान सुना.

पीएम ने उसमें डिजिटल उद्यमी बनने के लिए लोगों का आह्वान किया था. गांव को बदलने के लिए किस तरह संवाद और सूचना क्रांति सहायक हो सकती है, ये सुनकर ओम प्रकाश सिंह ने और ज्यादा जानकारी ली. उन्होंने पता किया कि क्या ऑप्टिकल फाइबर (optical Fiber) उनके गांव तक भी पहुंचा है? तब उनको पता चला कि फाइबर उनके गांव तक पहुंचा है, पर लोग लाभ नहीं ले पा रहे हैं. बस फिर क्या था उन्होंने जरूरी ट्रेनिंग ली और उसी क्षेत्र में काम करने का फैसला किया. इसके बाद 2019 में ओम प्रकाश पूरी तरह इस काम से जुड़ गए, उन्होंने शिक्षक की नौकरी छोड़ दी.

फ्री में स्थापित किया ब्रॉड बैंड कनेक्शन

शिक्षक से डिजिटल उद्यमी बने ओम प्रकाश सिंह और CSC में महिलाओं से सम्बंधित सभी काम सम्भालने वाली उनकी पत्नी पद्मिनी ने शुरुआती सफलता के लिए आस पास फ्री ब्रॉड बैंड कनेक्शन दिए. एक महीने का, तीन महीने का कनेक्शन मुफ्त देने के पीछे ये सोच थी कि जब लोगों को इस सरकारी इंटरनेट सुविधा का पता चलेगा और लोगों का अनुभव भी कुछ समय तक अच्छा रहेगा तो खुद ही लोग इसके लिए आगे आएंगे और फिर रिचार्ज करवाते रहेंगे. यही ‘ट्रिक’ काम कर गई और हसनगंज ही नहीं आस पास के दूसरे क्षेत्रों में भी ओम प्रकाश और पद्मिनी के सेंटर से लोग कनेक्शन लेने लगे. ओम प्रकाश ने अब तक 82 ग्राम पंचायतों में कनेक्शन दिए हैं. स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, अस्पताल जैसी जगह पर अब भी वो मुफ्त कनेक्शन देते हैं.

इस बीच सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में भी इस ग्राहक सेवा केंद्र की बड़ी भूमिका रही. ओम प्रकाश सिंह की पत्नी ने कहा,

"हम लोगों ने सरकारी योजनाओं पर भी फोकस किया. कैसे इन योजनाओं का लाभ लोगों को मिले उसके लिए हमारे केंद्र में जानकारी के साथ सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं. यहां लोग आते हैं, तो हम उनको बताते भी हैं और योजनाओं के लाभ के लिए फॉर्म भी भरवाते हैं."

पद्मिनी देवी

गांव में ही आशा बहू का काम करने वाली रेखा शर्मा कहती हैं कि ‘हम प्रसूताओं को मिलने वाली सुविधाओं को बताते हैं. उनका फॉर्म भरवाते हैं और फिर यहां आकार जमा करते हैं. इससे क्षेत्र के लोगों को बहुत लाभ हुआ है.' रेखा कहती हैं कि गांव में लगभग हर घर इस तरह की सुविधाओं से जुड़ा है सिर्फ इस केंद्र की वजह से.

ओम प्रकाश सिंह के केंद्र में आधार कार्ड का काम, सभी प्रकार के प्रमाण पत्र बनाने का काम होता है. साथ ही पढ़ाई और नौकरी के लिए फॉर्म भी भरे जाते हैं. कॉमन सर्विस सेंटर पर इसके लिए युवाओं को रोजगार दिया गया है, तो ब्रॉड बैंड कनेक्शन बांटने के लिए भी युवाओं को लगाया गया है. जिससे गांव के ही युवाओं को रोजगार मिला है. स्थानीय युवा मिलन पांडे कहते हैं ‘सबसे बड़ा लाभ यहां हसनगंज के युवाओं को हुआ है. यहां हर तरह की नौकरी के आवेदन के लिए फॉर्म भरे जाते हैं, जिसके लिए उन्नाव जाना पड़ता था.'

लोगों की मदद के लिए अपने केंद्र के आस पास बनाया फ्री WiFi जोन

इस ग्राहक सेवा केंद्र यानी के बाहर 78 साल की कमरून जहां जैसे सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी पहुंचते हैं. अपने पोते के साथ पहुंची कमरून को आंखों से कम दिखाई देता है. पर आधार कार्ड में नाम गलत लिखा है. उसे ठीक कराना जरूरी है. उसको अपडेट कराने के लिए इस सर्विस सेंटर में आई हैं. राशन लेने के लिए आधार कार्ड जरूरी है. ऐसे में घुटनों के दर्द की वजह से शहर न जा पाने वाली कमरून जहां के लिए गांव में ही खुला ये सर्विस सेंटर एकमात्र सहारा है.

हालाँकि ओम प्रकाश सिंह को ख्याति उनके फ्री WiFi जोन की वजह से भी मिली है. कोविड के समय में गांव के लोगों को इससे जोड़ने और लोगों की मदद के लिए ओम प्रकाश ने अपने सेवा केंद्र के आस पास free WiFi zone बना दिया, जिससे जो लोग इंटरनेट का कनेक्शन नहीं ले पाते वो वहां, आकार अपनी पढ़ाई या जरूरी काम काज कर सकते हैं. इससे खास तौर पर आस पास के युवाओं को लाभ हुआ. इसके लिए आस पास के क्षेत्र में लोग ओम प्रकाश को ‘डिजिटल मैन’ कहते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में इस बात के लिए भी ओम प्रकाश सिंह की तारीफ की है.

ओम प्रकाश सिंह कहते हैं कि ‘दरअसल इससे दो काम हुए हैं. एक तो लोगों को सरकारी ब्रॉड बैंड सेवा से मिलने वाली इंटरनेट स्पीड के बारे में पता चला और अगर वो यहां आ कर काम करेंगे तो बाद में कनेक्शन भी लेंगे यानी मेरे व्यवसाय में भी लाभ होगा.'

ओम प्रकाश सिंह की उपलब्धि का डिजिटल इंडिया के पोर्टल पर भी उल्लेख किया गया है पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा के बाद यहां दूर-दूर से लोग उनकी सफलता का राज जानने आ रहे हैं. ओम प्रकाश कहते हैं कि 'प्रधानमंत्री के आह्वान से इस काम को शुरू किया था. अब अपने गांव के लोगों को Tele medicine की सुविधा देने के लिए काम किया जा रहा है. प्रधानमंत्री जी की प्रशंसा के बाद ऊर्जा दस गुना बढ़ गई है. अब डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए सब कुछ करेंगे.'

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