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सिर पर टोपी, बकरीद पर नमाज, शामली का आयुष मलिक बन गया मुसलमान, चांदनी कुरैशी के इश्क में...

शामली में मेडिकल स्टोर संचालक देवराज मलिक के परिवार के कथित धर्मांतरण को लेकर विवाद गहरा गया है. योग साधना यशवीर आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज ने आरोप लगाया है कि आयुष मलिक का दबाव में धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कराया गया. उन्होंने माता-पिता के भी धर्मांतरण का दावा करते हुए पुलिस-प्रशासन को दोषियों की गिरफ्तारी के लिए 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है.

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उत्तर प्रदेश के शामली में एक मेडिकल स्टोर संचालक के परिवार के कथित धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया है. इस घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव और चर्चाओं का माहौल गर्म है.
 

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मुजफ्फरनगर के बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने इस पूरे प्रकरण पर एक तीखा बयान जारी किया है. उन्होंने मामले को लेकर पुलिस-प्रशासन के सामने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं.
 

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यशवीर महाराज के अनुसार, यह मामला भारत मेडिकल स्टोर के संचालक देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक से जुड़ा है. आरोप है कि करीब 5 वर्ष पहले चांदनी कुरैशी नामक युवती ने आयुष को अपने प्रभाव में लिया जिसके बाद दबाव बनाकर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया और निकाह के बाद उसका नाम रहमान रख दिया गया.
 

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दावा किया गया है कि हाल ही में बीती बकरीद के त्योहार पर आयुष उर्फ रहमान ने नमाज भी अता की थी. इसके साथ ही स्वामी यशवीर महाराज ने यह भी आशंका जताई है कि युवक के माता-पिता का भी गुपचुप तरीके से इस्लाम में धर्मांतरण करा दिया गया है.
 

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हालांकि आयुष के माता-पिता ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है. दूसरी ओर यशवीर महाराज का कहना है कि समाज को गुमराह करने के लिए पिता ने बेटे को कागजों में भले अलग कर दिया हो लेकिन उनका आपस में लगातार संपर्क बना हुआ है.
 

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स्वामी यशवीर महाराज ने यूपी सरकार और शामली प्रशासन से मांग की है कि इस निकाह और धर्मांतरण को कराने वाले मौलवी व अन्य संबंधित लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. उन्होंने सख्त कार्रवाई के लिए प्रशासन को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है.
 

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अल्टीमेटम पूरा न होने पर स्वामी जी ने कसाई बस्ती के घेराव और भारत मेडिकल स्टोर पर बड़े धरने की घोषणा की है. इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित जाट परिवार से बिना किसी डर के वापस अपने मूल सनातन धर्म में लौटने की अपील की है.