शनि जयंती से पहले बदल रही 2 बड़े ग्रहों की चाल, इन राशियों पर होगी धन की बारिश
16 मई 2026 को शनि जयंती और शनैश्चरी अमावस्या के आसपास शुक्र और बुध का वृषभ राशि में गोचर कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है.
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साल 2026 में 16 मई को शनि जयंती और शनैश्चरी अमावस्या एक साथ मनाई जाएगी. इस बार यह पर्व ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है क्योंकि इससे ठीक पहले शुक्र और बुध ग्रह अपनी चाल बदलने वाले हैं.

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द्रिक पंचांग के अनुसार, 14 मई को शुक्र ग्रह वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे. इसके अगले दिन यानी 15 मई को बुध भी वृषभ राशि में गोचर करेंगे. ऐसे में शनि जयंती के समय शुक्र, बुध और शनिदेव तीनों ग्रहों का प्रभाव एक साथ देखने को मिलेगा.

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ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख-सुविधा, प्रेम, ऐश्वर्य और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है, जबकि बुध ग्रह बुद्धिमत्ता, व्यापार, वाणी और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है. इन दोनों ग्रहों का एक ही राशि में आना कई क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.

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वृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर बेहद लाभकारी साबित हो सकता है. शुक्र अपनी ही राशि में रहेंगे, जिससे करियर में प्रगति, आर्थिक मजबूती और आकर्षण में वृद्धि के संकेत हैं. नई नौकरी, प्रमोशन और धन लाभ के योग भी बन रहे हैं.

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मिथुन राशि वालों को इस दौरान अचानक लाभ मिलने की संभावना है. विदेश से जुड़े अवसर सामने आ सकते हैं और नई योजनाओं पर काम शुरू होने के संकेत हैं. साथ ही अचानक धन प्राप्ति के योग भी बनते दिखाई दे रहे हैं.

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कर्क राशि के लोगों की आय में बढ़ोतरी हो सकती है. दोस्तों और संपर्कों के जरिए लाभ मिलने की संभावना है. निवेश से अच्छा फायदा मिल सकता है और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है.

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सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में तरक्की लेकर आ सकता है. कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. इसके साथ ही समाज में मान-सम्मान बढ़ने के भी संकेत हैं.

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कन्या राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला साबित हो सकता है. लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने लगेंगे और नई शुरुआत के लिए समय अनुकूल रहेगा. शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और यात्राओं से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है.
