Shani Vakri 2026: 27 जुलाई से शनि चलेंगे उल्टी चाल, इन 4 राशियों की किस्मत पूरी तरह जाएगी पलट
27 जुलाई 2026 को शनि देव मीन राशि में वक्री होंगे, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान शनि का प्रभाव तीव्र हो जाता है.
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27 जुलाई 2026 को न्याय के देवता शनि मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं. ज्योतिष में शनि की उल्टी चाल को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दौरान शनि का प्रभाव और भी अधिक तीव्र हो जाता है. इसे आमतौर पर कठिन समय माना जाता है, लेकिन यह हर राशि के लिए नकारात्मक नहीं होता, क्योंकि शनि कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं.

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वृषभ राशि के लिए यह समय अत्यंत शुभ साबित हो सकता है. शनि आपके कर्म भाव (10वें भाव) में वक्री होंगे, जिससे करियर में बड़ी सफलता मिलने के योग बनेंगे. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन, वेतन वृद्धि या मनचाही पोस्टिंग मिल सकती है, जबकि व्यवसायियों के रुके हुए प्रोजेक्ट दोबारा गति पकड़ेंगे और प्रॉपर्टी से जुड़े कामों में लाभ होगा.

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मिथुन राशि के लिए शनि का वक्री होना भाग्य स्थान (9वें भाव) में हो रहा है, जिससे रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे. भाग्य का साथ मिलने से लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे. छात्रों को विदेश शिक्षा के अवसर मिल सकते हैं और व्यापारिक यात्राएं लाभकारी साबित होंगी. साथ ही जीवन में सुख-सुविधाओं में भी वृद्धि के योग बनेंगे.

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तुला राशि के लिए शनि योगकारक ग्रह माने जाते हैं और यह आपके 5वें भाव में वक्री हो रहे हैं. इस अवधि में छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है, वहीं संतान से जुड़ी शुभ सूचना मिलने के योग हैं. अचानक धन लाभ की संभावना है और रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. प्रेम संबंधों में मजबूती और स्पष्टता आएगी.

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वृश्चिक राशि पर चल रही शनि की ढैय्या के प्रभाव में कमी आने की संभावना है क्योंकि शनि चौथे भाव में वक्री होंगे. इससे मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों में राहत मिलेगी. माता के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है और घर, जमीन या वाहन खरीदने के योग बनेंगे.

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वृश्चिक राशि के जातकों को पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी लाभ मिलने की संभावना है. पुराने विवाद आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं और नौकरी में आपके काम की सराहना बढ़ेगी, जिससे मानसिक बोझ कम होगा.

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शनि देव हमेशा व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल देते हैं. इसलिए वक्री अवस्था में भी इसका प्रभाव व्यक्ति के कर्म, मेहनत और नीयत पर निर्भर करता है. यह समय कुछ लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण तो कुछ के लिए बेहद लाभकारी हो सकता है.

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कुल मिलाकर शनि का यह वक्री गोचर वृषभ, मिथुन, तुला और वृश्चिक राशि के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है. इन राशियों को करियर, धन, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव और प्रगति देखने को मिल सकती है.
