UPTak Baithak Logo

11 मई से बन रहा है कालसर्प योग, इन 4 राशियों की बढ़ सकती है मुश्किलें

ज्योतिष गणना के अनुसार 11 मई से 26 मई तक कालसर्प योग का निर्माण हो रहा है. राहु और केतु के बीच सभी ग्रहों के आने से वृषभ, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों को मानसिक तनाव, करियर में बाधा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.

ADVERTISEMENT

social share
Google CTA
1

1/7

ज्योतिष के अनुसार, कालसर्प योग का प्रभाव कालसर्प दोष की तरह ही गहरा होता है. 11 मई से 26 मई तक राहु और केतु के घेरे में अन्य सभी ग्रह रहेंगे, जिससे कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव आ सकते हैं.
 

2

2/7

जब राहु और केतु नामक छाया ग्रह बाकी सभी ग्रहों को अपने बीच कैद कर लेते हैं तो इसे कालसर्प योग कहा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में स्थित होकर यह योग बना रहे हैं.
 

3

3/7

वृषभ राशि के जातकों के लिए कार्यस्थल पर चुनौतियां बढ़ सकती हैं. विरोधी सक्रिय रहेंगे और मेहनत का फल मिलने में देरी हो सकती है. 26 मई तक आर्थिक लेन-देन और बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान देना जरूरी है.
 

4

4/7

कर्क राशि वालों के लिए यह 15 दिन मानसिक दबाव और अनजाने डर वाले हो सकते हैं. नौकरी में विवाद से बचें और घर-परिवार में सामंजस्य बनाए रखने के लिए अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें.
 

5

5/7

इस अवधि में आपके द्वारा लिया गया एक गलत निर्णय परिवार को प्रभावित कर सकता है. वाहन सावधानी से चलाएं और अचानक बढ़ने वाले खर्चों के लिए तैयार रहें. अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें.
 

6

6/7

कुंभ राशि वालों के लिए निवेश का यह सही समय नहीं है. बनते कार्यों में बाधा आ सकती है. सेहत के मामले में पेट और गले से संबंधित परेशानियों के प्रति सजग रहना अनिवार्य है.
 

7

7/7

कालसर्प योग के दौरान शिव उपासना और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है. धैर्य और संयम से इस 15 दिनों की अवधि के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है.