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मुस्लिम लड़कियों के हिंदू शिकार और काजल नाम की इस औरत का काला सच! संभल की ये कहानी हिला देगी

यूपी तक

Luteri Dulhan: संभल पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज गिरोह का पर्दाफाश किया है जो मुस्लिम लड़कियों की पहचान बदलकर उन्हें हिंदू दुल्हन बनाकर लूटता था. मैरिज ब्रोकर काजल जिसका असली नाम नूरजहां खातून है बंगाल से लड़कियों को लाकर फर्जी हिंदू आधार कार्ड के जरिए यूपी में शादियां करवाती थी. ये लुटेरी दुल्हनें शादी के कुछ दिन बाद जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती थीं.

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संभल में पिछले डेढ़ महीने के भीतर चार शादियां हुईं और चारों ही दुल्हनें ससुराल को चूना लगाकर फरार हो गईं. पुलिस को शुरुआती जांच में लगा कि यह सामान्य चोरी का मामला है. 
 

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लेकिन जब कड़ियां जुड़ीं तो पता चला कि शादी कराने वाली काजल दरअसल नूरजहां खातून है. उसने आयशा, फातिमा और अन्य मुस्लिम लड़कियों के बदायूं में फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उन्हें पूजा,आरती और इशिका के नाम से पेश किया था.
 

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गिरोह की सरगना नूरजहां उर्फ काजल मैरिज ब्रोकर बनकर कुंवारे लड़कों के परिवारों को जाल में फंसाती थी. वह हर शादी के बदले परिवार से 50 हजार से 1 लाख रुपये तक वसूलती थी. भरोसा जीतने के लिए वह लड़कियों के फर्जी हिंदू नाम वाले आधार कार्ड दिखाती थी जो बदायूं में तैयार किए गए थे.
 

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इस बड़े स्कैम का खुलासा तब हुआ जब चंदौसी के राजू की शादी पूजा नाम की लड़की से हुई.शादी के कुछ ही दिन बाद पूजा घर से जेवर लेकर भाग निकली. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे पकड़ लिया. शुरुआत में वह खुद को पूजा ही बताती रही. लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और दस्तावेजों की पड़ताल की तो पता चला कि उसका असली नाम आयशा खातून है और वह बंगाल की रहने वाली है.
 

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पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने संगठित तरीके से काम किया है.लड़कियों के मजहब छिपाकर उनके हिंदू पहचान पत्र बनाए गए. दुल्हनें कुछ दिन ससुराल में रहकर विश्वास जीतती थीं और फिर मौका पाकर सामान समेटकर भाग जाती थीं.बंगाल से लड़कियों को यूपी लाना और यहां उनके नाम बदलकर शादियां कराना इस सिंडिकेट का मुख्य काम था.
 

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संभल पुलिस के अनुसार इस गिरोह ने अब तक कई परिवारों को अपना शिकार बनाया है. मास्टरमाइंड नूरजहां खातून और उसके साथ पकड़ी गई दुल्हनों से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी आईडी बनाने वाले सेंटर का पता लगाया जा सके.

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