संभल में मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन युवकों से कर रही थीं शादी, काजल नाम की इस औरत का काला सच अब खुला!
UP News: बंगाल से मुस्लिम लड़कियों को संभल लाया जाता. यहां उन्हें हिंदू नाम दिए जाते और फिर उनकी शादी करवा दी जाती. कहानी सिर्फ यहां तक खत्म नहीं होती. फिर ये दुल्हन ससुराल में कांड भी करती.
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UP News: उत्तर प्रदेश के संभल से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की दूरी 1,393 किसी है. गाड़ी से सफर करेंगे तो 24 घंटे से ज्यादा का समय वहां पहुंचने में लगेगा. मगर अब संभल और बंगाल की जुड़े ऐसे क्राइम का संभल पुलिस ने खुलासा किया है, जिसने सभी को चौंका दिया है.
उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले डेढ़ महीने से 4 दुल्हन ससुराल से फरार हो गईं थी. चारों ही दुल्हन भागते समय ससुराल से सोना-चांदी का सामान भी ले गईं थी. इनमें से 3 दुल्हनों का नाम पूजा, आरती और इशिका था. इनकी शादी काजल ने करवाई थी. काजल ने मैरिज ब्रोकर बनकर इन लड़कियों की शादी संभल में करवाई थी. मगर ये सभी दुल्हन शादी के बाद कुछ दिन तो ससुराल में रही. मगर फिर वहां से भाग गईं. जब ये मामला पुलिस के सामने आया तो पुलिस के भी कान खड़े हो गए. फिर जांच में ऐसा खुलासा हुआ, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया.
इन बंगाली लड़कियों का सच हिला डालेगा
पुलिस जांच में सामने आया कि ये सभी दुल्हन बंगाल की रहने वाली थीं. सबसे चौंकाने वाली बात ये थी कि इनमें से एक भी हिंदू नहीं था. ये सभी दुल्हन मुस्लिम थीं, जिनका हिंदू नाम रखकर, हिंदू फर्जी पहचान पत्र बनाकर संभल में शादी करवा दी गई थी. यहां तक की काजल नाम की मैरिज ब्रोकर, जिसने ये सभी रिश्ते करवाए थे, उसका भी असली नाम काजल नहीं बल्कि नूरजहां खातून था. मैरिज ब्रोकर बनकर ये हर परिवार से शादी के लिए 50 हजार से 1 लाख तक रुपये लेती थी. इन सभी के बदायूं में हिंदू नाम से आधार कार्ड बनवाए गए थे.
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अब संभल पुलिस ने मैरिज ब्रोकर काजल उर्फ नूरजहां खातून, 1 लुटेरी दुल्हन और राजीव नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है.
कैसे हुआ खुलासा?
इस केस का खुलासा तब हुआ जब चंदौसी के रहने वाले राजू की शादी पूजा से हुई. मगर पूजा शादी के कुछ दिन बाद घर से फरार हो गई. अपने साथ वह सोने-चांदी का सामान भी ले गए. मगर महिला पुलिस ने उसे पकड़ लिया. सख्त पूछताछ में उसने अपना नाम पूजा ही बताया. मगर जब जांच की गई तो उसका असल नाम आयशा खातून निकलकर सामने आया.
पूजा उर्फ आयशा खातून ने ही पूछताछ में काजल और राजीव का नाम लिया. पुलिस ने रेड डालकर बरेली से काजल और राजीव को पकड़ लिया. फिर सख्त पूछताछ शुरू की गई तो सामने आया कि मैरिज ब्रोकर काजल का असली नाम नूरजहां खातून था. सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये थी कि काजल उर्फ नूरजहां खातून ने खुद हिंदू बनकर राजीव के साथ शादी की थी.
इसके बाद सामने आया कि नूरजहां उर्फ काजल बंगाल से लड़कियां लातीं, यहां उनका हिंदू नाम रखती और उनकी शादी करवा दी जाती. इसके लिए उसे रुपये भी मिलते. फिर ये लड़कियां ससुराल को लूटकर भाग जाती. ये एक गैंग की तरह से काम कर रहे थे.
मुस्लिम लड़कियों को दी जाती थी ट्रेनिंग
पुलिस जांच में सामने आया है हिंदू बनकर शादी करने से पहले इन लड़कियों को पूरी ट्रेनिंग दी जाती थी. इन्हें सब सिखाया जाता था. शादी के बाद अभी तब सभी दुल्हनें ससुराल लूटकर फरार हो गईं थी. मगर पूजा यानी आयशा खातून ससुराल से भागते हुए पकड़ी गई. इसके बाद ये पूरा मामला सामने आ गया.
एसपी ने पूरे मामले को लेकर ये बताया
इस पूरे मामले को लेकर संभल एसपी केके विश्नोई ने बताया, पश्चिम बंगाल के लाल बाजार की निवासी नूरजहां खातून, बंगाल की ही रहने वाली आयशा खातून और बदायूं के युवक को गिरफ्तार किया गया है. फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले को भी खोजा जा रहा है. इन सभी के मोबाइल भी खंगाले जा रहे हैं. मामले की जांच की जा रही है.










