Viksit UP Baithak 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में यूपी Tak के विशेष कार्यक्रम 'विकसित UP बैठक' में प्रदेश के विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत 2027 के चुनावी समीकरणों पर मंथन हो रहा है. इसी कड़ी में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी Tak के मंच से आरक्षण, मुख्यमंत्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षा, 2027 के चुनाव, प्रयागराज से चुनाव लड़ने और अयोध्या में चढ़ावा चोरी जैसे कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने आरक्षण को लेकर सरकार का रुख साफ किया, वहीं मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा पर भी बेबाकी से जवाब दिया.
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आरक्षण पर केशव मौर्य का बड़ा बयान
आरक्षण के मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट कहा कि इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा रही है और न ही आगे ऐसा होने वाला है. उन्होंने कहा, "आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी, जब तक जरूरत होगी तब तक आरक्षण रहेगा. कोई छेड़छाड़ ना हो रही है ना होने वाली है." उन्होंने 50 फीसदी आरक्षण की सुप्रीम कोर्ट की सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 10 फीसदी EWS आरक्षण की अलग व्यवस्था की है. मौर्य ने कहा कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं है और इससे छेड़छाड़ नहीं होगी.
CM बनने की महत्वाकांक्षा पर खुलकर बोले
'विकसित UP बैठक' में केशव मौर्य से जब मुख्यमंत्री बनने की उनकी महत्वाकांक्षा को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इस बार साफ शब्दों में अपनी इच्छा स्वीकार की. उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं कि मेरे मन में यह नहीं है कि मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनूं. मैं बनना चाहता हूं. लेकिन ये मैं नहीं तय कर सकता." मौर्य ने बताया कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व और चुनाव के बाद विधायकों की राय से होता है. उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी के कार्यकर्ता हैं और संगठन जो जिम्मेदारी देगा, उसे निभाएंगे. योगी आदित्यनाथ के साथ रिश्तों पर उन्होंने कहा कि दोनों के बीच कोई दीवार नहीं है और वह उनके साथ मिलकर सरकार में काम कर रहे हैं. 2027 के चुनाव में नेतृत्व को लेकर उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला पार्टी ही करेगी.
2027 में बीजेपी को 300 पार का भरोसा
केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की संभावनाओं पर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि पार्टी तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और 300 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी. मौर्य ने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों को बीजेपी के लिए स्थायी चुनौती मानने से इनकार किया. उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों के विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद भी बीजेपी ने विधानसभा चुनावों में वापसी की है. उनका दावा था कि 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को जवाब देगी.
प्रयागराज से चुनाव लड़ेंगे केशव मौर्य?
प्रयागराज से विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वह अभी खुद को उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों का प्रत्याशी मानते हैं. उन्होंने साफ किया कि बीजेपी में उम्मीदवार का फैसला किसी एक व्यक्ति की इच्छा से नहीं होता. पहले जिला स्तर पर नामों पर चर्चा होती है, इसके बाद क्षेत्र और प्रदेश स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ती है और अंत में केंद्रीय नेतृत्व उम्मीदवार तय करता है. ऐसे में उन्होंने प्रयागराज या कौशांबी से चुनाव लड़ने को लेकर कोई निश्चित घोषणा नहीं की.
अयोध्या चढ़ावा चोरी पर क्या बोले केशव?
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर केशव मौर्य ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि चोरी करने वाले पकड़े जा चुके हैं और जेल में हैं, जबकि बाकी मामले की SIT जांच चल रही है. चंपत राय का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, "मैं एडवांस में बता रहा हूं वो बेदाग थे, बेदाग हैं, बेदाग रहेंगे." मौर्य ने कहा कि मीडिया ट्रायल के आधार पर किसी के बारे में निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए और जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि रामलला के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाला कोई कार्यकर्ता मंदिर के चढ़ावे में एक पैसे की भी चोरी नहीं कर सकता.
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