कौन होगा अखिलेश यादव का सरप्राइज प्रत्याशी? राज्यसभा में होगा खेल

यूपी तक

• 12:05 PM • 29 Sep 2026

यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में देखिए राज्य की 3 बड़ी खबरें- राज्यसभा चुनाव पर अखिलेश यादव का 'सरप्राइज' दांव, मायावती का चंद्रशेखर आजाद पर सीधा हमला और इस पर चंद्रशेखर की प्रतिक्रिया.

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यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' राज्य की तीन बड़ी और अहम सियासी खबरों का गहन विश्लेषण लेकर आता है जिसमें आज सबसे पहले राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार तय करने को लेकर अखिलेश यादव के 'सरप्राइज' दांव का विश्लेषण किया गया है. दूसरी खबर में बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती द्वारा नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ बिना नाम लिए किए गए अब तक के सबसे सीधे और तीखे हमले का जिक्र है और तीसरी खबर में मायावती के इन आरोपों पर चंद्रशेखर आजाद द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिए गए सम्मानजनक लेकिन खरी-खरी जवाब की पड़ताल की गई है.

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राज्यसभा चुनाव में अखिलेश यादव का सरप्राइज दांव

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है और सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों के मंथन में जुटे हैं. 10 में से 2 सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में जाना तय माना जा रहा है. जबकि तीसरी सीट पर भी सपा अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है. इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने विधायकों से रायशुमारी के बाद एक बड़ा बयान देकर सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. अखिलेश यादव ने मीडिया और अपनी पार्टी के लोगों से कहा है कि वे राज्यसभा चुनाव में 'सरप्राइज' (अचानक चौंकाने वाले फैसले) के लिए तैयार रहें.

इस बयान के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अखिलेश यादव राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में कोई बड़ा उलटफेर करने वाले हैं?

प्रोफेसर रामगोपाल यादव की सीट: माना जा रहा है कि पहली सीट पर परंपरागत तौर पर प्रोफेसर रामगोपाल यादव का नाम तय है और पार्टी में उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है. हालांकि अखिलेश के 'सरप्राइज' वाले बयान के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है.

2027 का PDA नैरेटिव

अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को राज्यसभा चुनाव के जरिए भी साधना चाहते हैं.

अन्य नाम और दावेदारी: आलोक रंजन और सलीम शेरवानी जैसे दिग्गजों के नाम भी चर्चा में हैं. हालांकि पूर्व नौकरशाह आलोक रंजन को लेकर माना जा रहा है कि वह सपा के पीडीए फ्रेमवर्क में पूरी तरह फिट नहीं बैठते.

तीसरी सीट पर रणनीति: तीसरी सीट के लिए सपा को बीजेपी के सरप्लस वोटों के खिलाफ रणनीति बनानी होगी. इसके लिए किसी ऐसे साधन-संपन्न या रणनीतिक रूप से मजबूत उम्मीदवार को उतारा जा सकता है जो 'साम-दाम-दंड-भेद' की राजनीति में बीजेपी को टक्कर दे सके.

मायावती का चंद्रशेखर आजाद पर सीधा हमला: बताया 'बीजेपी का एजेंट'

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पहली बार आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद पर खुलकर और सीधा हमला बोला है. हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर नाम नहीं लिया, लेकिन "नगीना के सांसद" कहकर उन्हें आड़े हाथों लिया और बहुजन समाज के लोगों को उनके बहकावे में न आने की हिदायत दी.

सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में मायावती ने चंद्रशेखर पर कई गंभीर आरोप लगाए. मायावती ने दावा किया कि चंद्रशेखर आजाद कोई जनआधार वाले नेता नहीं हैं बल्कि वे बीजेपी के इशारे पर काम करने वाले एजेंट हैं. बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि नगीना सीट से चंद्रशेखर की जीत बीजेपी की मदद और ईवीएम (EVM) की गड़बड़ी के चलते संभव हुई है.

मायावती का कहना है कि चंद्रशेखर बहुजन आंदोलन को कमजोर कर रहे हैं और युवाओं को भड़काकर उन पर मुकदमे दर्ज करवा रहे हैं जिससे बहुजन समाज के लोगों का नुकसान हो रहा है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी में आकाश आनंद के निष्क्रिय होने के बाद मायावती को खुद चंद्रशेखर के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए मैदान में उतरना पड़ा है ताकि बसपा का कोर वोट बैंक बिखरने से बच सके.

मायावती के हमले पर चंद्रशेखर आजाद का पलटवार

मायावती के इस तीखे हमले के बाद आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी. चंद्रशेखर ने मायावती के प्रति कोई गुस्सा नहीं जताया बल्कि बेहद सम्मानजनक तरीके से अपनी बात रखी.

बहन जी का सम्मान जारी रहेगा: चंद्रशेखर ने कहा कि वह आदरणीय बहन जी (मायावती) का पूरा सम्मान करते हैं और उनके मन में कोई क्रोध नहीं है, क्योंकि उनकी लड़ाई सांप्रदायिक ताकतों और संविधान विरोधियों के खिलाफ है.

प्रेस नोट लिखने वालों पर सवाल: चंद्रशेखर ने सीधा निशाना मायावती के सलाहकारों और प्रेस नोट लिखने वालों पर साधा. उन्होंने कहा कि जो लोग बहन जी के लिए प्रेस नोट लिखते हैं, वे उन तक जमीनी सच्चाई और सही खबरें नहीं पहुंचने देते. उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी लगातार सड़कों पर किसानों, मजदूरों, युवाओं और नौजवानों के हक की लड़ाई लड़ रही है. जब पार्टी आगे बढ़ेगी, तो इस तरह के आरोपों और आलोचनाओं का सामना करना ही पड़ेगा.