Mainpuri Sadar 2027 election: क्या अखिलेश अपने ही गढ़ में बीजेपी के जयवीर सिंह को हरा पाएंगे? | यूपी किसका

Mainpuri Sadar Assembly 2027: मैनपुरी सदर सीट पर 2027 में क्या अखिलेश यादव की वापसी होगी या फिर बीजेपी के जयवीर सिंह अपना दबदबा कायम रखेंगे? देखिए मैनपुरी के जातीय समीकरण और चुनावी इतिहास की पूरी रिपोर्ट.

यूपी तक

• 01:58 PM • 03 Mar 2026

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मैनपुरी जिला समाजवादी पार्टी (सपा) और मुलायम सिंह यादव परिवार का गढ़ माना जाता है. फिलहाल यहां की मैनपुरी सदर विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं. 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह सीट अखिलेश यादव के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. मैनपुरी सदर सीट फिलहाल सपा के पास नहीं, बल्कि भाजपा के पास है. यहां से भाजपा के जयवीर सिंह विधायक हैं, जो उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी हैं. 2022 के चुनाव में जयवीर सिंह ने सपा के राजकुमार उर्फ राजू यादव को मात्र 6,000 वोटों के अंतर से हराया था. 

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जयवीर सिंह का कहना है कि जनता सपा के "जंगल राज" (2012-2017) को भूली नहीं है और जैसे बिहार में राजद को नकारा गया, वैसे ही यूपी में भी सपा की वापसी मुश्किल है. वहीं सपा नेताओं का दावा है कि 2027 में अखिलेश यादव का PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला चलेगा और सपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी.

जातीय समीकरण (अनुमानित आंकड़े)

परसीमन के बाद यहां जातीय समीकरण काफी जटिल हो गए हैं. 

यादव: ~70,000 (सबसे निर्णायक)
शाक्य: ~40,000
दलित: ~45,000
क्षत्रिय: ~35,000
लोधी: ~26,000
ब्राह्मण व मुस्लिम: ~20,000 प्रत्येक

बसपा यहां कभी नहीं जीती है. उसका वोट बैंक भाजपा और सपा के बीच बंट जाता है, जो हार-जीत तय करता है. स्थानीय जानकारों के अनुसार, भाजपा की जीत का एक बड़ा कारण यादव मतदाताओं का एक हिस्सा भाजपा की ओर झुकना भी रहा है. दिलचस्प बात यह है कि इस सीट पर कोई भी उम्मीदवार लगातार तीन बार नहीं जीता है.