नौकरी-चाकरी: यूपी लेखपाल भर्ती विवाद, नवीन सर ने उठाई आवाज फिर यहां पहुंचा मामला

UP Lekhpal Bharti 2026 Controversy: यूपी लेखपाल भर्ती के फॉर्म भरने में आई तकनीकी खामियों के कारण हजारों छात्र परेशान हैं. नवीन सर की पहल के बाद अभ्यर्थियों ने साक्ष्य साझा किए हैं. देखिए कोर्ट और आयोग का इस पर क्या कहना है.

यूपी लेखपाल भर्ती (UP Lekhpal Bharti 2026) को लेकर अभ्यर्थियों के बीच भारी रोष है. 'रोजगार विद अंकित' के नवीन सर द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद अब हजारों अभ्यर्थी अपने फॉर्म और पेमेंट फेल होने के स्क्रीनशॉट्स भेज रहे हैं. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने 7,994 पदों के लिए लेखपाल भर्ती निकाली थी, जिसकी आवेदन प्रक्रिया 28 जनवरी 2026 तक चली. 

यह भी पढ़ें...

अभ्यर्थियों का आरोप है कि अंतिम दिनों (26, 27 और 28 जनवरी) में आयोग की वेबसाइट पूरी तरह क्रैश हो गई थी. हजारों अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन तो कर पाए लेकिन पेमेंट नहीं हो पाया, ओटीपी नहीं आया और वे फॉर्म पूरा करने से वंचित रह गए. अभ्यर्थी सुजीत कुमार ने बताया कि वे इस मामले को लेकर जनता दरबार में मुख्यमंत्री से गुहार लगा चुके हैं और लखनऊ हाई कोर्ट भी गए हैं. आयोग का तर्क है कि यह बैंकिंग सिस्टम का फेलियर है, उनकी वेबसाइट की गलती नहीं है. सिंगल बेंच से राहत न मिलने के बाद अब अभ्यर्थी डबल बेंच में अपील कर रहे हैं.

नवीन सर ने भी इंटरव्यू में कहा कि साइट क्रैश होना बच्चों का दोष नहीं है, इसलिए उन्हें मौका दिया जाना चाहिए. विवाद के बीच, आयोग ने मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए PET 2025 के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग जारी कर दी है. कुल 3,66,712 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए पात्र घोषित किए गए हैं. इसका मतलब है कि एक पद पर करीब 46 दावेदार होंगे. मुख्य परीक्षा की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है.