ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. जहां एक ओर शिया समुदाय गहरे शोक में है, वहीं दूसरी ओर कुछ संगठनों ने खुशियां भी मनाई हैं. साथ ही, लखनऊ में एक ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान निलंबित पीसीएस अधिकारी का 'फरसा' लेकर मंच पर पहुंचने का वीडियो भी चर्चा में है. यूपी Tak के खास कार्यक्रम आज क्या है वायरल पर आधारित खास रिपोर्ट-
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पिंकी चौधरी का वायरल वीडियो
हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत पर खुशी जताकर चर्चा में हैं. वायरल वीडियो में वह लोगों को भगवा तिलक लगाते हुए 'जय श्री राम' के नारे लगा रहे हैं और पृथ्वी को 'भगवा मय' करने की बात कह रहे हैं. उधर खामनेई की मौत के बाद लखनऊ और यूपी के अन्य हिस्सों में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे हैं. वे अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और 'सीनाजनी' (छाती पीटकर) अपना दुख व्यक्त कर रहे हैं. शिया धर्मगुरुओं ने इस मौत को 'शहादत' बताया है और अमेरिका-इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की है. लखनऊ के छोटे और बड़े इमामबाड़े में कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं.
खामनेई की मौत की पृष्ठभूमि
आपको बता दें कि अयातुल्ला अली खामनेई 1989 से 2026 तक ईरान के सुप्रीम लीडर थे. उनकी मौत 28 फरवरी 2026 को तेहरान में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में हुई, जिसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) नाम दिया गया था.
अलंकार अग्निहोत्री का 'फरसा' विवाद
लखनऊ में आयोजित एक ब्राह्मण सम्मेलन में निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री हाथ में 'फरसा' लेकर मंच पर पहुंचे. जब उन्हें मंदिर चंदा और सरकार विरोधी मुद्दों पर बोलने से रोका गया, तो वे आक्रोशित हो गए. बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को स्नान न करने देने के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दिया था.
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