फिरोजाबाद जिले के नौखटा गांव में 'यूपी Tak' की टीम ने ग्राम पंचायत चुनाव 2026 को लेकर 'रियलिटी चेक' किया. यह गांव समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजकुमार यादव का पैतृक गांव है. गांव में पिछले 2 साल से पानी की टंकी का निर्माण चल रहा है, लेकिन यह अभी भी अधूरी है. ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार सामान डालकर चला गया है और अब कोई सुध लेने नहीं आता. जल जीवन मिशन के तहत पाइप डालने के लिए गांव की बनी-बनाई सीसी (CC) सड़कें खोद दी गईं, जिन्हें दोबारा ठीक नहीं किया गया. इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है.
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गांव में बिजली के तार काफी नीचे लटके हुए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का डर बना रहता है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले भी करंट लगने से कुछ मौतें हो चुकी हैं. स्थानीय विधायक डॉ. मुकेश वर्मा (सपा) के प्रति ग्रामीणों में भारी रोष है. लोगों का कहना है कि विधायक काम की कभी मना नहीं करते, लेकिन कोई काम करते भी नहीं हैं. वे चुनाव जीतने के बाद गांव में नजर नहीं आए. यह गांव समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है (लगभग 70% यादव आबादी), इसके बावजूद लोग विकास न होने से निराश हैं. ग्रामीणों का कहना है कि "विधायक तो चुन लिया, लेकिन वो सुनने वाले नहीं हैं."
गांव के शिक्षित युवाओं ने रोजगार और शिक्षक भर्ती (Super TET) न आने पर नाराजगी जताई. एक युवा ने बताया कि वह कई बार TET/CTET पास कर चुका है, लेकिन 2018 के बाद से कोई भर्ती नहीं आई है. दखनारा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो है, लेकिन वहां अक्सर डॉक्टर और दवाइयां नहीं मिलतीं. स्कूल की इमारत तो अच्छी है, लेकिन अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का अभाव है. ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत चुनाव में स्थानीय मुद्दे मायने रखते हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव के समय अक्सर जातिगत समीकरण विकास के मुद्दों पर हावी हो जाते हैं.
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