ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत पर बरेली के मुस्लिम समुदाय की प्रतिक्रिया सामने आई है. यहां के लोगों ने वैश्विक राजनीति के बजाय अपने देश और वहाँ फँसे भारतीयों की सुरक्षा पर अधिक जोर दिया है.
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'हमें केवल हिंदुस्तान से मतलब है'
बरेली के मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि उन्हें दूसरे देशों या अरब मुल्कों की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. उनका डीएनए भारतीय है और वे स्वयं को गर्व से भारतवासी कहते हैं. उन्होंने कहा कि जो भी शासक भारत की 'गंगा-जमुनी तहजीब' को नुकसान पहुँचाएगा, वह उनका दुश्मन है.
भारतीयों की सुरक्षित वापसी की मांग
लोगों ने भारत सरकार से अपील की है कि ईरान और अन्य युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फँसे भारतीयों को सकुशल वापस लाया जाए. उन्होंने विशेष रूप से काजी-ए-हिंदुस्तान हजरत असद रजा (असद मियां) और हजरत फरमान मियां की सुरक्षा के लिए दुआ की, जो उमराह के लिए गए थे और वहां फंस गए हैं.
खामनेई की मौत पर बात करते हुए कुछ लोगों ने कहा कि वे किसी भी प्रकार की तानाशाही के खिलाफ हैं. अगर कोई शासक तानाशाह है, तो उसका अंत निश्चित है. हालांकि, कुछ लोगों ने इजरायल के हमलों की भी आलोचना की और उसे भी तानाशाही का ही एक रूप बताया.
हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश
बरेली में राम बारात के स्वागत की तैयारी कर रहे इन लोगों ने 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम' और 'जय श्री राम' के नारे लगाए. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारत की प्रगति की सराहना की और देश में अमन-चैन बनाए रखने की अपील की.
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