पत्नी को मिलेगी बंगाल चुनाव में टिकट या वरुण गांधी जाएंगे... पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बदले कई सियासी समीकरण!

UP News: यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में देखिए अखिलेश यादव का 2027 के लिए डिजिटल मास्टरप्लान और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ मेगा मीटिंग. साथ ही जानिए पीएम मोदी से वरुण गांधी की मुलाकात और इसके पीछे छिपे बंगाल चुनाव के सियासी समीकरण.

Varun Gandhi meet PM Modi

कुमार अभिषेक

18 Mar 2026 (अपडेटेड: 18 Mar 2026, 11:00 AM)

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यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं. आज के अंक में सबसे पहले बात अखिलेश यादव के उस मास्टरप्लान की, जिसके जरिए वह 2027 के लिए एक 'डिजिटल आर्मी' तैयार कर रहे हैं ताकि विपक्ष के नैरेटिव को गांव-गांव तक पहुंचाया जा सके. दूसरी बड़ी खबर वरुण गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस मुलाकात की है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. क्या यह वरुण की घर वापसी है या बंगाल चुनाव का कोई नया समीकरण? और तीसरी खबर में हम समझेंगे कि क्या चुनावी रणनीतिकार संस्था आईपैक (I-PAC) अब समाजवादी पार्टी के डिजिटल अभियान की कमान संभालने जा रही है. 

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2027 के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ मेगा बैठक

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव अब 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपना नैरेटिव सेट करने में जुट गए हैं. आज यानी 18 मार्च, बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी दफ्तर में एक बेहद अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें देश और प्रदेश भर के लगभग 250 से 300 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स शामिल होंगे.

अखिलेश यादव का उद्देश्य इन 'डिजिटल योद्धाओं' के जरिए अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को हर शख्स के मोबाइल तक पहुंचाना है. पार्टी इस बार बेहद सजग है. जिस तरह बिहार चुनाव में एक भोजपुरी गाने ने तेजस्वी यादव के नैरेटिव को नुकसान पहुंचाया था, अखिलेश वैसी गलती यूपी में नहीं दोहराना चाहते. यह डिजिटल समागम न केवल सपा की सकारात्मक छवि बनाएगा, बल्कि विपक्ष द्वारा फैलाए जाने वाले नकारात्मक कंटेंट को काउंटर करने का भी काम करेगा.

क्या समाजवादी पार्टी से हाथ मिलाने जा रही है आईपैक?

इस बैठक के पीछे एक बड़ी चर्चा यह भी है कि क्या मशहूर चुनावी रणनीतिकार संस्था आईपैक (I-PAC) अब समाजवादी पार्टी के साथ जुड़ गई है? कयास लगाए जा रहे हैं कि इन्फ्लुएंसर्स को एक साथ लाने और डिजिटल चैनलाइज करने का यह विचार आईपैक का ही हो सकता है. अगर आईपैक और सपा का यह गठबंधन जमीन पर उतरता है, तो आने वाले एक साल में उत्तर प्रदेश की डिजिटल राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. बीजेपी की सोशल मीडिया आर्मी को टक्कर देने के लिए सपा का यह 'इकोसिस्टम' 2027 की राह तय करेगा.

वरुण गांधी का पीएम मोदी के प्रति पितृवत स्नेह, क्या हैं इसके सियासी मायने?

दूसरी तरफ, वरुण गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक तस्वीर ने उत्तर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है. वरुण गांधी ने अपने परिवार के साथ पीएम से मुलाकात की और उनके व्यवहार को पितृवत (पिता समान) करार दिया. यह वही वरुण गांधी हैं जो 2024 के चुनाव से पहले तक अपनी ही सरकार और पीएम मोदी की नीतियों की तीखी आलोचना कर रहे थे. 

इस हृदय परिवर्तन के पीछे कई सियासी कारण माने जा रहे हैं. चर्चा है कि पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों में बीजेपी वरुण गांधी की उपयोगिता देख रही है, क्योंकि वह पूर्व में बंगाल के प्रभारी रह चुके हैं और उनकी पत्नी भी मूल रूप से बंगाली हैं. दबे स्वर में यह भी चर्चा है कि उनकी पत्नी यामिनी रॉय वहां से चुनाव लड़ सकती हैं या वरुण गांधी को संगठन या राज्यसभा के जरिए कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. फिलहाल, वरुण के नरम पड़े तेवर बीजेपी में उनके भविष्य को लेकर नए संकेत दे रहे हैं. 

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