फिरोजाबाद की सदर सीट पर रामजी लाल सुमन के बेटे को टिकट देंगे अखिलेश यादव?

रजत सिंह

• 11:17 AM • 22 Aug 2026

फिरोजाबाद सदर सीट पर 2027 चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज है. बीजेपी के मनीष असीजा के सामने टिकट के कई दावेदार हैं, जबकि सपा PDA फॉर्मूले के तहत नए सामाजिक समीकरण साधने की तैयारी में है. टिकट को लेकर खींचतान बढ़ी है.

Akhilesh yadav and Ram ji lal suman

Akhilesh yadav and Ram ji lal suman

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समाजवादी पार्टी का पुराना गढ़ मानी जाने वाली फिरोजाबाद सदर विधानसभा सीट पिछले तीन चुनावों से भारतीय जनता पार्टी के कब्जे में है. 2012, 2017 और 2022 के चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर बीजेपी के मनीष असीजा यहां से विधायक हैं. हालांकि बदले समीकरणों और हालिया लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद दोनों ही प्रमुख दलों में टिकट को लेकर खींचतान और दावेदारी का दौर शुरू हो चुका है.

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बीजेपी में दावेदारों की कतार

मनीष असीजा: लगातार तीन बार के विधायक और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष होने के नाते इनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है. सभी वर्गों में पकड़ इनकी मुख्य ताकत है.

कामिनी राठौर: फिरोजाबाद की वर्तमान मेयर कामिनी राठौर महिला और पिछड़ा वर्ग चेहरा होने के कारण टिकट की दौड़ में शामिल हैं.

अन्य नाम: मैनपुरी से विधायक जयवीर सिंह (या उनके परिवार के सदस्य) और स्थानीय स्तर पर कन्हैयालाल गुप्ता सहित अन्य नामों पर भी चर्चा जारी है.

समाजवादी पार्टी की नई रणनीति और दावेदार

सपा इस सीट पर लंबे समय से मुस्लिम उम्मीदवारों पर दांव लगाती रही है. लेकिन इस बार पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के तहत गैर-मुस्लिम या दलित चेहरे को उतारने की चर्चाएं गरम हैं.

रणजीत सुमन: राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के बेटे रणजीत सुमन का नाम दलित चेहरे के रूप में प्रमुखता से उभर रहा है.

मुस्लिम चेहरे: पूर्व विधायक अजीम भाई, खालिद नसीर (पूर्व विधायक नसीरुद्दीन सिद्दीकी के पुत्र), सुट्टन भाई और समाजसेवी जफर आलम दावेदारी ठोक रहे हैं.

अन्य उम्मीदवार: गैर-मुस्लिम चेहरों में राजकुमार राठौर और वैश्य समाज से आने वाले सपा के राष्ट्रीय सचिव सत्येंद्र जैन सोली भी सक्रिय हैं.

चुनाव की तिथियों, मतदाता सूची और अन्य आधिकारिक घोषणाओं के लिए उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO Uttar Pradesh) के पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त की जा सकती है.