जहां थे वहीं आओ... PM विश्वकर्मा योजना पर अफजाल अंसारी ने उठाए सवाल, 'सामवेद' पर दिया ये बयान

विनय कुमार सिंह

20 Sep 2025 (अपडेटेड: 20 Sep 2025, 03:00 PM)

गाजीपुर के सपा सांसद अफजाल अंसारी ने पीएम विश्वकर्मा योजना पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह योजना समाज के विकास के लिए पर्याप्त नहीं है और वेदों पर भी अपनी राय रखी.

Afzal Ansari

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Afzal Ansari News: गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी फिर एक बार अपने बयानों को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. अफजाल अंसारी ने पीएम विश्वकर्मा योजना पर एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यह योजना समाज के विकास के लिए काफी नहीं है.  विश्वकर्मा समाज के एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान अफजाल अंसारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार विश्वकर्मा समाज के लोगों को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहती. इस मौके पर अफजाल अंसारी ने वेदों के ऊपर भी बयान दिया जिसकी भी खूब चर्चा है. 

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पीएम विश्वकर्मा योजना पर सवाल

अफजाल अंसारी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विश्वकर्मा समाज के लिए जो योजना बनाई है, उसमें आपके बच्चों को फिर से ट्रेनिंग दी जाएगी." उन्होंने कहा कि 'इस योजना में भगवान विश्वकर्मा के आगे पीएम लगाकर इसे प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना बना दिया गया है. इस योजना के तहत लोगों का रजिस्ट्रेशन होगा और उन्हें 15000 रुपये की एक किट दी जाएगी और प्रशिक्षित किया जाएगा कि... जहां थे वहीं आओ.' सांसद ने कहा कि यह मदद समाज और देश के विकास के लिए पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह उन्हें वहीं रोकने की कोशिश है जहां वे पहले से हैं. उन्होंने दावा किया कि सरकार नहीं चाहती कि विश्वकर्मा समाज के लोग आगे बढ़कर मिसाइल जैसे बड़े काम करें.

सांसद ने बताया कि वह उस मीटिंग में मौजूद थे जहां इस योजना का प्रस्ताव आया था और उन्होंने इसे नकार दिया था, क्योंकि उनका मानना है कि यह योजना विश्वकर्मा समाज को आगे नहीं बढ़ने देगी.

वेदों को लेकर अफजाल अंसारी ने दिया ये बयान

पीएम विश्वकर्मा योजना पर बोलते हुए अफजाल अंसारी ने वेदों पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि वैदिक काल में राष्ट्रवाद चलाने के लिए ऋग्वेद, राजपाट चलाने के लिए अथर्ववेद और समाज में मौज-मस्ती व कैसे तरंगों में जीवन बिताएंगे इसके लिए सामवेद दिया गया था. उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि जो समाज समतामूलक (सभी को समान मानने वाला) नहीं होता, वह कभी तरक्की नहीं कर सकता.

गौरतलब है कि पीएम विश्वकर्मा योजना को 17 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने के लिए शुरू किया था. इस योजना के तहत 500 रुपये का स्टाइपेंड, औजार खरीदने के लिए 15000 रुपये और 3 लाख रुपये तक का लोन 5% की ब्याज दर पर दिया जा रहा है. 

यहां नीचे देखें अफजाल अंसारी का पूरा बयान:

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