UP News: उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों से एक दुखद खबर सामने आई है. शुक्रवार, 2 जनवरी को बरेली सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री की बैठक के दौरान फरीदपुर से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल को अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा. विधायक श्याम बिहारी लाल को आनन-फानन में शहर के मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. विधायक ने कल ही अपना जन्मदिन मनाया था और आज उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. डॉ. श्याम बिहारी लाल फरीदपुर सीट से लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए थे. सीएम योगी ने विधायक श्याम बिहारी लाल के निधन पर श्रद्धांजलिदी है.
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सीएम ने कहा, "जनपद बरेली के फरीदपुर विधान सभा क्षेत्र से माननीय विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल जी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है. विनम्र श्रद्धांजलि. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान एवं शोकाकुल."
कौन थे श्याम बिहारी लाल
यूपी विधान्सबह की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 1 जनवरी 1966 को डॉ. श्याम बिहारी लाल का शाहजहांपुर में जन्म हुआ था. उन्होंने स्नातकोत्तर के साथ पीएच.डी. (Ph.D.) की उच्च शिक्षा प्राप्त की थी. उनकी विद्वता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में आचार्य और पुस्तकालयाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे. इसके अलावा उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की कार्य समिति के सदस्य (2017-2020) के रूप में भी सेवाएं दीं.
श्याम बिहारी लाल ने लिखी थी ये पुस्तक
इतिहास में गहरी रुचि रखने वाले डॉ. लाल 'उत्तर प्रदेश इतिहास कांग्रेस' के अध्यक्ष रहे और उन्होंने 'प्राचीन भारत में यवन' नामक पुस्तक भी लिखी. शैक्षणिक कार्यों के सिलसिले में उन्होंने यूनान, साइप्रस और ईरान जैसी विदेश यात्राएं भी की थीं.
डॉ. श्याम बिहारी लाल का विवाह 3 मई 1990 को श्रीमती मंजुलता के साथ हुआ था, जिनसे उनका एक बेटा और दो बेटियां हैं. वे मार्च 2017 में फरीदपुर (बरेली) विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए. उनकी लोकप्रियता और क्षेत्र में सक्रियता के चलते जनता ने मार्च 2022 में उन्हें दोबारा अठारहवीं विधानसभा का सदस्य निर्वाचित किया था.
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