'RLD को 120 सीटें देकर सम्मान करना चाहिए', अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी पर कसा तंज, 2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी

यूपी तक

• 08:33 AM • 23 Aug 2026

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच सियासी तल्खी बढ़ती दिखाई दे रही है. अखिलेश यादव के ‘चवन्नी को रुपया बना दिया’ वाले बयान पर जयंत चौधरी ने पलटवार किया तो अब सपा प्रमुख ने भी खुलकर जवाब दिया है.

Akhilesh on Jayant Chaudhary

Akhilesh Yadav on Jayant Chaudhary

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Akhilesh Yadav On Jayant Chaudhary: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच सियासी तल्खी बढ़ती दिखाई दे रही है. अखिलेश यादव के ‘चवन्नी को रुपया बना दिया’ वाले बयान पर जयंत चौधरी ने पलटवार किया तो अब सपा प्रमुख ने भी खुलकर जवाब दिया है. अखिलेश ने कहा कि उन्होंने जो कहा, वह सच था और सच बोलना आजकल मुश्किल हो गया है. उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर आरएलडी उसके साथ है तो उसे 120 सीटें देकर सम्मान करना चाहिए. इस बयानबाजी के बीच गठबंधन, जाट समाज और 2027 के संभावित सीट बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

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‘चवन्नी को रुपया बना दिया’ से शुरू हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत अखिलेश यादव के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए अपने पुराने सहयोगियों पर तंज कसा था. उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी ने 'चवन्नी को रुपया बना दिया', लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग साथ छोड़कर चले गए. इस टिप्पणी को जयंत चौधरी और आरएलडी से जोड़कर देखा गया. इसके बाद जयंत ने सोशल मीडिया के जरिए नाराजगी जाहिर की और इसे जाट समाज के सम्मान से जोड़ दिया.

 जयंत बोले- मेरा नाम लेकर कहते तो कोई बात थी

अखिलेश के बयान के बाद जयंत चौधरी ने तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा, 'सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते. कोई बात नहीं थी.' जयंत ने आगे जाट समाज को निशाना बनाए जाने और 'एबीसीडी हमने सिखाई' जैसी बातों पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि वह इस तरह के अहंकार को करीब से देख चुके हैं और ऐसा आचरण सिर्फ पतन की ओर ले जाता है.

अखिलेश ने कहा- सच बोलना भी गलत हो गया

अब अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी की नाराजगी पर जवाब दिया है. सपा प्रमुख ने कहा, 'हमने तो जो बात सच थी, वो बात कही और जो बात सच है वो इतनी कड़वी क्यों लग रही है?' उन्होंने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर तंज कसते हुए कहा, 'इधर सच बोलना भी गलत है. सच बोलोगे तो मारे जाओगे. तो झूठ बोलते हैं हम लोग भी.' अखिलेश ने यह भी कहा कि आजकल सच बोलना मुश्किल हो गया है और उन्होंने मीडिया को लेकर भी अपनी बात रखी.

अखिलेश यादव ने गठबंधन के सवाल पर समाजवादी पार्टी का रुख भी साफ किया. उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी कभी गठबंधन नहीं तोड़ती है. समाजवादी पार्टी जब साथ लेकर के चलती है तो साथ निभाती है और हमेशा समाजवादियों ने साथ निभाया है.' उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए सहयोगी दलों को घेरने के बजाय बीजेपी का मुकाबला करने की बात कही. अखिलेश ने कहा, 'लड़ाई बीजेपी से है. सरकार बीजेपी की है. दिल्ली और लखनऊ में बीजेपी की सरकार है.'

जयंत के ‘जाट समाज’ वाले बयान पर भी पलटवार

जयंत चौधरी ने 21 अगस्त की पोस्ट में अखिलेश के बयान को जाट समाज से जोड़ते हुए कहा था कि सियासी लड़ाई में अगर कुछ कहना था तो उनका नाम लेकर कहा जाता. इस पर जब अखिलेश से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने आरएलडी और बीजेपी के संभावित रिश्ते को लेकर तंज कसा. अखिलेश ने कहा कि जब जयंत बीजेपी के साथ हैं तो बीजेपी को आरएलडी को पहले से ज्यादा सम्मान और सीटें देनी चाहिए.

अखिलेश ने RLD को मिलने वाली सीटों पर क्या बोला

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी ने पहले किसी सहयोगी को 30 सीटें दी थीं, तो बीजेपी को उससे कई गुना ज्यादा सीटें देनी चाहिए. उन्होंने तंज करते हुए कहा, 'अगर हमने कोई बात कह दी है तो बीजेपी के लोगों को कम से कम उनका सम्मान बनाना चाहिए और उन्हें चार गुना सीट देनी चाहिए.' इसके बाद उन्होंने 30 का चार गुना 120 बताते हुए कहा कि आरएलडी को 120 सीटें मिलनी चाहिए. अखिलेश ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो इसे जाट समाज और चौधरी चरण सिंह तथा चौधरी अजीत सिंह की विरासत का अपमान माना जाएगा.

अखिलेश ने यह भी कहा कि बीजेपी के सभी सहयोगी दलों को ज्यादा से ज्यादा सीटें दी जानी चाहिए. उनका तंज साफ तौर पर आगामी विधानसभा चुनाव में संभावित सीट बंटवारे की ओर था. हालांकि, आरएलडी को 120 सीटें दिए जाने का आंकड़ा अखिलेश यादव की राजनीतिक टिप्पणी है, इसे बीजेपी या आरएलडी की ओर से तय सीट बंटवारा नहीं माना जा सकता. मौजूदा समय में सीटों को लेकर कोई आधिकारिक समझौता सामने नहीं आया है.