UP News: उत्तर प्रदेश की सियासत की हर बड़ी हलचल लेकर हाजिर है यूपी Tak की खास सीरीज आज का यूपी. आज की तीन बड़ी खबरों का सार कुछ इस प्रकार है: सबसे पहले चर्चा समाजवादी पार्टी के नए PDA पंचांग की जिसके जरिए अखिलेश यादव हिंदू कैलेंडर के बहाने पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के घरों तक पहुंचने की बड़ी तैयारी में हैं. दूसरी बड़ी खबर गोंडा के नंदिनी नगर से है, जहां बृजभूषण शरण सिंह की राष्ट्रकथा में दिग्गज चेहरों का जमावड़ा लगा है. तीसरी खबर है बाहुबली धनंजय सिंह और बृजभूषण की वह केमिस्ट्री जो यूपी की सियासत में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रही है.
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अब घरों में टंगेगा PDA पंचांग, सपा की नई सियासी चाल
समाजवादी पार्टी ने अपनी PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति को धार देने के लिए अब PDA पंचांग लॉन्च किया है. 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद सपा अब इस शब्द को जन-जन की जुबान पर चढ़ाना चाहती है.
क्या है PDA पंचांग?
यह एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर की तरह है जिसमें तिथियां, व्रत और त्योहार तो हैं ही लेकिन साथ में डॉ. राम मनोहर लोहिया, कांशीराम, कर्पूरी ठाकुर, मुलायम सिंह यादव और जाकिर हुसैन जैसे दिग्गजों की जयंती और पुण्यतिथि को विशेष प्रमुखता दी गई है.
क्या है मकसद?
वाराणसी समेत कई जिलों में सपा नेता इसे घर-घर बांट रहे हैं. इसका सियासी अर्थ यह है कि सपा यह जताना चाहती है कि हिंदू मान्यताओं के साथ-साथ PDA दिग्गजों का सम्मान भी उतना ही जरूरी है. सपा इस कैलेंडर के जरिए सीधे तौर पर बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड के मुकाबले अपनी सामाजिक न्याय की विचारधारा को घरों की दीवारों तक पहुंचा रही है.
गोंडा में राष्ट्रकथा, बृजभूषण के मंच पर सितारों और सियासत का मेल
इन दिनों गोंडा का नंदिनी नगर सुर्खियों में है. भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह यहां सद्गुरु रितेश्वर महाराज की राष्ट्रकथा का आयोजन करा रहे हैं. यह कथा केवल आध्यात्मिक नहीं बल्कि एक बड़े सियासी शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गई है. इस कथा में भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के बाद अब बाहुबली नेता धनंजय सिंह की मौजूदगी ने हलचल तेज कर दी है.
बृजभूषण शरण सिंह इस मंच के जरिए न केवल धार्मिक संदेश दे रहे हैं, बल्कि पूर्वांचल और देवीपाटन मंडल में अपनी मजबूत पकड़ का अहसास भी करा रहे हैं. चर्चा इस बात की भी है कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कथा के समापन समारोह में शामिल होंगे.
संकट के समय साथ, धनंजय और बृजभूषण की नई केमिस्ट्री
कथा के मंच से जो सबसे बड़ी तस्वीर निकलकर आई, वह थी बृजभूषण शरण सिंह और धनंजय सिंह का एक साथ बैठना. हाल के दिनों में धनंजय सिंह कई कानूनी और सियासी विवादों (जैसे कोडिन सिरप कांड) में घिरे रहे हैं, लेकिन बृजभूषण सिंह उनके बचाव में खुलकर खड़े नजर आए. बृजभूषण ने साफ शब्दों में कहा कि धनंजय सिंह को फंसाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यहां तक कहा कि अखिलेश यादव को इस मामले में निजी हमला नहीं करना चाहिए था.
बाहुबली छवि वाले दो बड़े क्षत्रिय नेताओं का एक मंच पर आना यूपी की राजनीति में बड़े संकेत दे रहा है. यह एकता दिखाती है कि बाहरी हमलों के बावजूद ये नेता एक-दूसरे के मजबूत स्तंभ बनकर खड़े हैं.
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